
शारदीय नवरात्रि 2025 का आगाज़ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण के साथ हो चुका है। हर वर्ष की तरह इस बार भी माँ दुर्गा की आराधना के लिए विशेष तैयारी की जा रही है, लेकिन इस बार एक महत्वपूर्ण परिवर्तन सामने आया है—घटस्थापना का पहला मुहूर्त बीत चुका है। ऐसे में जिन लोगों से यह शुभ समय छूट गया है, उनके मन में स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठ रहा है कि अब वे कब और कैसे घटस्थापना कर सकते हैं।
क्या है घटस्थापना और इसका महत्व?
घटस्थापना नवरात्रि के पहले दिन की जाने वाली एक प्रमुख पूजा प्रक्रिया है, जिसे देवी शक्ति का आवाहन माना जाता है। इस अनुष्ठान में मिट्टी के पात्र में जौ बोकर, कलश स्थापित किया जाता है और माँ दुर्गा को आमंत्रित किया जाता है। यह प्रक्रिया सही मुहूर्त में की जाए तो विशेष फलदायी मानी जाती है।
पहला मुहूर्त क्यों निकला हाथ से?
2025 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 29 सितंबर को हो रही है। पंचांग के अनुसार, इस दिन प्रतिपदा तिथि सुबह देर से शुरू हो रही है और शुभ मुहूर्त की अवधि बहुत ही सीमित है। ऐसे में कई भक्तों से यह समय चूक गया।
अब कब करें घटस्थापना? जानें दूसरा उपयुक्त समय
अगर पहला मुहूर्त निकल गया है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। पंडितों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, प्रतिपदा तिथि के दौरान ही, यदि दूसरा छोटा सा मुहूर्त उपलब्ध हो तो उसमें भी घटस्थापना की जा सकती है। इसके अलावा, अगले दिन यानी 30 सितंबर की सुबह ब्रह्म मुहूर्त या अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है, यदि प्रतिपदा का प्रभाव उस समय तक बना रहे।
नवरात्रि में श्रद्धा है सबसे बड़ा मुहूर्त
हालांकि शास्त्रों में मुहूर्त का विशेष महत्व है, लेकिन अगर आपसे पहला मुहूर्त छूट गया है तो घबराएं नहीं। सच्ची श्रद्धा और भावना से की गई पूजा में देवी माँ का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है। आवश्यक है कि घटस्थापना के दौरान नियम, शुद्धता और संकल्प का पालन किया जाए।