पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूट गया जबकि निफ्टी 300 अंक नीचे फिसल गया। बाजार में आई इस बड़ी गिरावट से निवेशकों को करीब 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वहीं रुपया भी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
बाजार खुलते ही मची भारी बिकवाली
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1.34 फीसदी टूटकर 74 हजार के करीब पहुंच गया, जबकि निफ्टी में भी 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखी गई। निवेशकों में घबराहट का माहौल रहा और बाजार खुलते ही बिकवाली हावी हो गई। इसका असर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के मार्केट कैप पर भी पड़ा, जिसमें करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
इन दिग्गज शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से अधिकांश लाल निशान में कारोबार करती दिखीं। पावरग्रिड के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा टाटा स्टील, मारुति, टाइटन, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। हालांकि आईटी सेक्टर ने कुछ राहत दी और इन्फोसिस, टेक महिंद्रा तथा टीसीएस के शेयरों में तेजी बनी रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
बाजार की कमजोरी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टरवार प्रदर्शन में रियल्टी, ऑटो और मीडिया शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। दूसरी तरफ आईटी सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन कर कुछ हद तक नुकसान को संतुलित करने की कोशिश की। एशियाई बाजारों में भी गिरावट का असर साफ दिखाई दिया।
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी वैश्विक चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को लेकर दिए गए बयान ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास फैसला लेने के लिए बहुत कम समय बचा है। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका तेज हो गई। इसी डर से कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया और ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इसका सीधा असर भारतीय बाजार और मुद्रा पर पड़ा।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा
तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी बाजारों में अनिश्चितता के बीच रुपया डॉलर के मुकाबले अपने ऑल टाइम लो पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 96.18 प्रति डॉलर तक गिर गया। लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में कमजोरी दर्ज होने से रुपये पर दबाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही तो आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।