आज सुबह मुजफ्फरनगर के चपार क्षेत्र में मेरठ की एसटीएफ ने कुख्यात शूटर शाहरुख पठान को पकड़ने के लिए छापेमारी की. जब पुलिस ने उसे घेर लिया, तो उसने करीब 10–11 राउंड फायरिंग की, जिस पर जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लग गई. अस्पताल ले जाने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया. मौके पर तीन पिस्टल, 60 कारतूस और एक बिना नंबर की ब्रेजा कार बरामद हुई. शाहरुख का नाम संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी के गैंग से भी जुड़ा था. उस पर हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मुकदमे दर्ज थे. पुलिस का कहना है कि इस एनकाउंटर से अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश गया है.
1 लाख रुपए का था इनाम
एसटीएफ ने जिस शाहरुख पठान नाम के कुख्यात शार्प शूटर को एनकाउंटर में मार गिराया. उस पर करीब 50 हज़ार से 1 लाख रुपये का इनाम था. सुबह की रेड के दौरान एसटीएफ ने छपार थाना इलाके के बिजोपुरा तिराहे पर उसे घेरा. शाहरुख ने पुलिस पर करीब 10–11 राउंड फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में घायल होकर उसे अस्पताल ले जाया गया, जजहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मौके से तीन पिस्टल (एक विदेशी बरेटा सहित), 60 से अधिक कारतूस और एक बिना नंबर की ब्रेजा कार बरामद की गईं .
लंबा है अपराधी इतिहास
2015 में मु़जफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर पुलिस कस्टडी में आसिफ जायदा की हत्या की. जेल में रहते हुए उसने संजीव महेश्वरी जीवा और मुख्तार अंसारी से संपर्क साधा. जिसके बाद 2016 में जेल से फरार हो गया. 2017 में हरिद्वार में कंबल व्यापारी गोल्डी की हत्या कर दी. इसके बाद उसकी हत्या के गवाह पिता की हत्या की घटनाओं में शामिल रहा.
गोल्डी मर्डर केस में संजीव जीवा के साथ उम्रकैद भी हुई थी, लेकिन कुछ महीने पहले उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया था. हाल ही में संभल में गवाहों को धमकाने और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित था.
एसटीएफ को मिली बड़ी सफलता
एसटीएफ और पुलिस ने इसे एक बड़ी सफलता बताया क्योंकि शाहरुख पठान का यह गिरोह, खासकर संजीव जीवा–मुख्तार अंसारी नेटवर्क, कई जिलों में सक्रिय था. उनकी गिरफ्तारी और मुठभेड़ से अपराध पर बड़ा झटका लगने की उम्मीद जताई जा रही है.