Shashi Tharoor: केरल विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व ने दिल्ली में अहम बैठक की, लेकिन इस बैठक से तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर की अनुपस्थिति ने सियासी चर्चाओं को हवा दे दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में राज्य के वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी रणनीति, संगठन और गठबंधन जैसे मुद्दों पर मंथन किया। थरूर के न आने को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
कौन-कौन नेता रहे बैठक में शामिल
10 राजाजी मार्ग स्थित खरगे के आवास पर हुई इस बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ, नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला सहित कई नेता मौजूद रहे। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को सामूहिक नेतृत्व में लड़ने पर सहमति जताई गई।
थरूर की गैरमौजूदगी पर सफाई
कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने शशि थरूर की अनुपस्थिति को लेकर कहा कि इसमें किसी तरह की नाराजगी नहीं है। उनके अनुसार, थरूर पहले से तय कार्यक्रम के तहत केरल साहित्य महोत्सव में शामिल होने वाले थे और इसकी जानकारी पार्टी को पहले ही दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि आंतरिक मतभेद की बातें पूरी तरह निराधार हैं।
सूत्रों का दावा
हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि थरूर हाल के कुछ घटनाक्रमों से आहत बताए जा रहे हैं। कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद होने के बावजूद राहुल गांधी द्वारा उनका नाम न लिए जाने और राज्य नेतृत्व के रवैये से उनकी नाराजगी की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक, थरूर ने इस संबंध में पार्टी के शीर्ष नेताओं को अपनी आपत्ति भी जताई है।
बंगाल गठबंधन और आगे की रणनीति
बैठक में पश्चिम बंगाल में लेफ्ट के साथ गठबंधन को लेकर भी चर्चा हुई। केरल के नेताओं ने बंगाल में गठबंधन से नुकसान की आशंका जताई, जिस पर पार्टी नेतृत्व ने विचार करने की बात कही। चुनाव नजदीक होने के बीच थरूर की अनुपस्थिति और इन चर्चाओं को कांग्रेस के लिए अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।