
महिला विश्व कप फाइनल में टीम इंडिया की ओपनिंग बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने ऐसा तूफान मचाया, जिसने पूरे स्टेडियम को खड़ा कर दिया. सबसे दिलचस्प बात यह रही कि शेफाली वो खिलाड़ी हैं, जिन्हें शुरुआत में विश्व कप टीम में जगह तक नहीं मिली थी. लेकिन जैसे ही मौका मिला, उन्होंने साबित कर दिया कि उन्हें लेडी सहवाग यूं ही नहीं कहा जाता. शेफाली ने 78 गेंदों में 87 रन ठोकते हुए भारत को 7 विकेट पर 298 रन तक पहुंचाया और अपनी इस धमाकेदार पारी में कई ऐसे रिकॉर्ड तोड़ दिए, जिन पर शायद खुद वीरेंद्र सहवाग भी मुस्कुरा उठें.
फाइनल में बरपा शेफाली तूफान
डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल में शेफाली ने शुरू से ही साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. स्मृति मंधाना के साथ उन्होंने पहले विकेट के लिए 104 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की, जिससे भारत को शानदार शुरुआत मिली. शेफाली ने अपनी फिफ्टी सिर्फ 49 गेंदों में पूरी की और 7 चौके व 2 छक्कों की मदद से कुल 87 रन बनाए. यह पारी सिर्फ भारत को मजबूत स्थिति में नहीं ले गई, बल्कि महिला क्रिकेट में एक नया इतिहास भी लिख गई.
विराट-सचिन-रोहित तक रह गए पीछे
शेफाली वर्मा ने वो कारनामा कर दिखाया जो विराट कोहली, रोहित शर्मा, सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह जैसे दिग्गज भी नहीं कर पाए. दरअसल, वो विश्व कप फाइनल में फिफ्टी लगाने वाली सबसे कम उम्र की महिला या पुरुष क्रिकेटर बन गई हैं. उनकी उम्र इस समय 21 साल 278 दिन है. इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की जेस डफिन के नाम था, जिन्होंने 23 साल 235 दिन की उम्र में फिफ्टी लगाई थी. यानी शेफाली ने दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों को उम्र और प्रदर्शन दोनों में पीछे छोड़ दिया है.
सहवाग और पूनम राउत का रिकॉर्ड तोड़ा
शेफाली ने न सिर्फ इतिहास रचा बल्कि कई भारतीय रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिए. वह विश्व कप फाइनल में भारत के लिए फिफ्टी प्लस स्कोर बनाने वाली तीसरी ओपनर बन गई हैं उनसे पहले वीरेंद्र सहवाग (2003 में 82 रन) और पूनम राउत (2017 में 86 रन) ने यह कारनामा किया था. अब शेफाली ने दोनों को पछाड़ते हुए फाइनल में भारत की ओर से सबसे बड़ी पारी (87 रन) खेलने का नया रिकॉर्ड बनाया है. साथ ही उन्होंने 111.53 के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर भारत की ओर से विश्व कप फाइनल में सबसे तेज़ स्ट्राइक रेट का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया. करीब तीन साल बाद फिफ्टी लगाकर उन्होंने अपने करियर की वापसी का ऐलान भी कर दिया और साफ कर दिया कि अगर मौका मिला, तो लेडी सहवाग हर रिकॉर्डबुक हिला सकती हैं.