बांग्लादेश की राजनीति में भूचाल लाने वाले एक ऐतिहासिक फैसले में इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ गंभीर अपराधों का दोषी करार दिया है। तीन जजों की विशेष ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना, पूर्व गृह मंत्री और पूर्व आईजी को मौत की सज़ा सुनाई। फैसला 400 पन्नों में छह हिस्सों में पढ़ा गया और इसके आते ही ढाका में हालात बिगड़ गए। समर्थक सड़कों पर उतर आए और विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए।
ट्रिब्यूनल का कठोर फैसला और गंभीर आरोप
जस्टिस गुलाम मुर्तजा की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि शेख हसीना ने मानवता के खिलाफ अपराध किए और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सैन्य कार्रवाई की अनुमति दी। फैसले में यह दावा भी शामिल है कि हसीना ने छात्रों के प्रदर्शनों को आतंकी गतिविधियों की तरह पेश करने की कोशिश की और अवामी लीग के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी नेतृत्व के आदेश पर सुनियोजित हमले किए। ट्रिब्यूनल ने यह भी कहा कि सेना, पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने न्याय प्रक्रिया से हटकर हत्याएं कीं।
1400 मौतें, 11 हजार गिरफ्तार—ट्रिब्यूनल के चौंकाने वाले निष्कर्ष
फैसले में दावा किया गया है कि करीब 1400 लोगों की मौत हुई और 11,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। ट्रिब्यूनल के अनुसार, ज्यादातर मौतें घातक धातु के छर्रों वाली गोलियों से हुईं, जो सेना की राइफलों से चलाई गईं। अनेक वीडियो, अंतरराष्ट्रीय संगठनों की रिपोर्ट्स, गवाहियों और डॉक्टरों के बयानों को आधार बनाकर कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व के आदेश पर हिरासत में अत्याचार, गोलीबारी, और घायल प्रदर्शनकारियों को अस्पतालों में भर्ती न करने जैसे अपराध व्यवस्थित रूप से किए गए।
हेलीकॉप्टर से बम गिराने और इलाज रोकने के आरोप
ट्रिब्यूनल के अनुसार, कई वीडियो में हेलीकॉप्टर से भीड़ पर गोलीबारी और बम गिराने के दृश्य मौजूद हैं। कई गवाहों ने बताया कि घायलों का इलाज रोकने के निर्देश दिए गए थे। डॉक्टरों ने गवाही में कहा कि उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने के लिए धमकाया गया। कई वीडियोज़ में पांच मीटर की दूरी से सीधी गोली मारने तक की घटनाएं दिखाई पड़ीं। एक गवाह, जिसका चेहरा हमलों में विकृत हो गया था, ने भी हसीना सरकार की क्रूरता को अदालत के सामने रखा।
ढाका में हिंसा, हसीना बोलीं—फैसला राजनीतिक और पक्षपातपूर्ण
फैसला आते ही ढाका में माहौल तनावपूर्ण हो गया। समर्थकों ने सड़कों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जबकि प्रशासन को गोली चलाने तक के आदेश दे दिए गए हैं। शेख हसीना ने आजतक से बातचीत में फैसले को पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया। पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल ने भी ICT को "अवैध कोर्ट" बताते हुए दावा किया कि यह अवामी लीग की नेतृत्व समाप्त करने की साजिश है। फैसले से पहले समर्थकों को भेजे वीडियो संदेश में हसीना ने कहा कि उन्हें फैसले की परवाह नहीं, क्योंकि आरोप झूठे हैं।