Sheikh Hasina Verdict: पडौसी मुल्क बांग्लादेश से बड़ी खबर आई है.. अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को निहत्थे नागरिकों पर गोली चलाने और मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में दोषी ठहराया है. कोर्ट ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई है. जानकारी के मुताबिक अदालत ने पाया कि शेख हसीना ने प्रदर्शनकारियों को दबाने और मारने के लिए घातक हथियारों और ड्रोन का इस्तेमाल करने के आदेश दिए थे. जिसके लिए उन्हें फांसी की सजा मुकर्रर की गई है.. अदालत ने निर्दोश नागरिकों की जान लेने के पीछे पूरी तरह से शेख हसीना और उसके सहयोगियों को ही दोषी माना है..
फांसी की सजा के बाद क्या बोला कोर्ट
बांग्लादेश की कोर्ट ने पूर्व पीएम शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई है। उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध करने का दोषी ठहराया गया है। हसीन के साथ उनके गृहमंत्री और पूर्व पुलिस चीफ चौधरी अब्दुल्लाह को भी मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराया है। शेख हसीना को न्याय को रोकने, हत्या का आदेश देने और हत्याओं को रोकने में असमर्थ होने का दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने कहा कि इस बात के साक्ष्य हैं कि हसीना ने हेलिकॉप्टर और घातक हथियारों के इस्तेमाल का आदेश दिया था।बांग्लादेश के जज ने जोर देकर कहा कि शेख हसीना, पूर्व गृहमंत्री और पूर्व पुलिस चीफ ने मिलकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था ताकि प्रदर्शनकारियों को दबाया जा सके और मारा जा सके। इस दौरान घातक हथियारों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। छात्रों को तलाशने के लिए ड्रोन की मदद लेने का आदेश खुद शेख हसीना ने दिया था।
कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए हसीना का ऑडियो जारी किया
यह फैसला महीनों लंबे ट्रायल के बाद आया, जिसमें अभियोजन पक्ष ने वायरल ऑडियो, गवाह और मानवाधिकार रिपोर्ट्स पेश कीं। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए हसीना का वह ऑडियो जारी किया, जिसमें वे पुलिस प्रमुख से "लोगों पर गोलियां चलाने" का आदेश दे रही थीं। प्रथम आलोचक जैसे मीडिया ने इसे लाइव दिखाया। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में, 15 जुलाई से 15 अगस्त 2024 तक 1400 से ज्यादा लोग मारे गए थे। कोर्ट ने इसे "सिस्टेमैटिक हिंसा" करार दिया।