Shikhar Mohan India A Selection : भारतीय क्रिकेट में एक युवा बल्लेबाज को बड़ा मौका मिला है। झारखंड के सलामी बल्लेबाज शिखर मोहन को न्यूजीलैंड A के खिलाफ होने वाले आखिरी दो चार दिवसीय मैचों के लिए इंडिया A टीम में शामिल किया गया है। वह केएल राहुल की जगह लेंगे, जो पहला चार दिवसीय मैच खेलने के बाद वनडे टीम से जुड़ेंगे। 21 साल के शिखर ने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। लगातार दो शतक लगाने के बाद अब उन्हें इंडिया A की जर्सी पहनने का मौका मिला है। यह उनके करियर का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
रणजी ट्रॉफी में लगातार दो शतक
शिखर मोहन इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सत्र में उन्होंने लगातार दो शतक लगाए हैं। पहले जमशेदपुर में केरल के खिलाफ 143 रन की शानदार पारी खेली। इसके बाद पुणे में महाराष्ट्र के खिलाफ 127 रन बनाकर अपनी टीम को मुश्किल स्थिति से निकालने में अहम भूमिका निभाई। दोनों पारियों ने दिखाया कि शिखर दबाव में भी टिककर बल्लेबाजी कर सकते हैं। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपने खेल से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। अब न्यूजीलैंड A के खिलाफ उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
डेब्यू सीजन में बनाए थे 613 रन
शिखर मोहन का घरेलू क्रिकेट में सफर भी काफी शानदार रहा है। 2025-26 के अपने पहले रणजी ट्रॉफी सत्र में उन्होंने 55.73 की औसत से 613 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से दो शतक निकले। इस प्रदर्शन ने उन्हें झारखंड के उभरते बल्लेबाजों में शामिल कर दिया। नए सत्र में भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखी है। लगातार बड़ी पारियां खेलने के कारण अब उनके खेल पर ज्यादा लोगों की नजर है। इंडिया A में चयन उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन का नतीजा है।
दलीप और ईरानी ट्रॉफी में भी चमके
शिखर ने केवल रणजी ट्रॉफी में ही नहीं, बल्कि दूसरे घरेलू टूर्नामेंट में भी अच्छा प्रदर्शन किया है। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने पहली पारी में 85 और दूसरी पारी में 52 रन बनाए। इसके बाद ईरानी ट्रॉफी में रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए खेलते हुए 60 रन की पारी खेली। इन मुकाबलों में उनके प्रदर्शन ने दिखाया कि वह अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी कर सकते हैं। उनके मेंटर और झारखंड के पूर्व क्रिकेटर ईशान जग्गी का मानना है कि इंडिया A में मौका मिलने का यह बिल्कुल सही समय है।
मेंटोर ने बताया क्या है शिखर की चुनौती
ईशान जग्गी के मुताबिक, शिखर पिछले चार-पांच साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, युवा बल्लेबाज खुद मानते हैं कि कई बार अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में बदलना उनके लिए चुनौती रहा है। इस कमी को दूर करने के लिए वह अपने मेंटर के साथ काम कर रहे हैं। शिखर ने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान वह खुद को गेंद पर ध्यान देने और एक समय में एक गेंद खेलने की याद दिलाते हैं। उनके मुताबिक, इस तरीके से उन्हें काफी मदद मिली है। जग्गी का मानना है कि शिखर में काफी क्षमता है और उन्हें अभी और निखारा जा सकता है।
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31 अक्टूबर से न्यूजीलैंड में मुकाबला
शिखर मोहन 26 अक्टूबर को न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे और क्राइस्टचर्च में इंडिया A टीम से जुड़ेंगे। न्यूजीलैंड A के खिलाफ दूसरा चार दिवसीय मुकाबला 31 अक्टूबर से खेला जाएगा। इसके बाद तीसरा मैच भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगा। शिखर के लिए यह मौका घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौती के करीब साबित करने का रास्ता खोल सकता है। अब देखना होगा कि रणजी ट्रॉफी में शतक लगाने वाला यह युवा बल्लेबाज न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करता है और टीम में मिले इस मौके का कितना फायदा उठा पाता है।