Maharashtra Election: महाराष्ट्र के नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने शानदार प्रदर्शन कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इन स्थानीय निकाय चुनावों में कई जगह सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दल—भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट)—आमने-सामने रहे, लेकिन नतीजों में शिंदे सेना का ‘स्ट्राइक रेट’ सबसे ज्यादा चर्चा में है। चुनाव परिणामों ने यह संकेत दिया है कि शिवसेना की जमीनी पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है।
अकेले मैदान में उतरकर भी दिखाया संगठन का दम
इन चुनावों में शिवसेना ने कई स्थानों पर अकेले चुनाव लड़ते हुए अपनी ताकत साबित की। पार्टी ने करीब 135 निकाय क्षेत्रों में प्रत्याशी उतारे, जिनमें से 50 से अधिक नगराध्यक्ष पदों पर जीत दर्ज की। खेड नगर परिषद में शिवसेना ने सभी 21 सीटों पर कब्जा जमाकर एकतरफा जीत हासिल की। वहीं सोलापुर जिले के सांगोला नगरपालिका चुनाव में शिवसेना प्रत्याशी ने क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं को पीछे छोड़ते हुए क्लीन स्वीप किया। वाशिम जिले के मालेगांव नगर पंचायत में भी शिवसेना उम्मीदवार की जीत ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया।
भाजपा और अन्य सहयोगियों को भी दी कड़ी चुनौती
कोंकण क्षेत्र की कणकवली और मालवण जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों पर शिवसेना ने भाजपा को सीधी टक्कर देकर जीत दर्ज की। महाड में भी पार्टी ने एनसीपी (अजित पवार गुट) के मजबूत प्रभाव को पीछे छोड़ दिया। मुंबई से सटे पालघर और डहाणू जैसे इलाकों में भी शिवसेना का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। सबसे अहम बात यह रही कि शिंदे सेना ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना से कई गुना अधिक सीटें हासिल कीं। इन नतीजों को आगामी महानगर पालिका और बीएमसी चुनावों से पहले एक बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।