केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने अपनी नई पुस्तक ‘अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव’ के विमोचन समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi से जुड़े कई दिलचस्प और प्रेरणादायक किस्से साझा किए। कार्यक्रम में उन्होंने भाजपा के शुरुआती दौर की कार्यशैली, तकनीक को लेकर सोच और पीएम मोदी की दूरदर्शिता का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे समय के साथ संगठन ने डिजिटल युग को अपनाया।
नई पुस्तक में साझा किए खास अनुभव
शिवराज सिंह चौहान की नई पुस्तक ‘अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिताए गए राजनीतिक और व्यक्तिगत अनुभवों को जगह दी गई है। पुस्तक विमोचन के दौरान उन्होंने कहा कि यह किताब केवल संस्मरण नहीं बल्कि उन अनुभवों का संग्रह है, जिन्होंने उनके राजनीतिक जीवन को नई दिशा दी।
‘फीमेल-ईमेल’ वाला किस्सा बना चर्चा का केंद्र
समारोह में शिवराज सिंह चौहान ने एक पुराना किस्सा सुनाते हुए बताया कि जब नरेंद्र मोदी पार्टी प्रभारी के रूप में मध्य प्रदेश आए थे, तब चुनावी तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई थी। उस समय मोदी ने कार्यकर्ताओं से पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है। बैठक में मौजूद अधिकांश लोग इस
सवाल पर एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे।
इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर ने मजाकिया अंदाज में पूछा, “नरेंद्र भाई, ये फीमेल-फीमेल क्या कह रहे हैं?” इस बात पर बैठक में मौजूद सभी लोग हंस पड़े। शिवराज ने बताया कि उस दौर में तकनीक को लेकर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच जागरूकता बहुत कम थी।
पीएम मोदी की दूरदर्शिता की तारीफ
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने बहुत पहले ही यह समझ लिया था कि भारत के विकास में तकनीक की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने संगठन के भीतर ईमेल, मोबाइल और डिजिटल संचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। शिवराज ने कहा कि आज जिस डिजिटल इंडिया की चर्चा होती है, उसकी सोच वर्षों पहले ही तैयार हो चुकी थी।
पहली मुलाकात और लाल चौक का जिक्र
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय देश आतंकवाद की चुनौती से जूझ रहा था और कश्मीर घाटी में लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कल्पना भी मुश्किल मानी जाती थी। भाजपा ने डॉ. मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में एकता यात्रा निकालने का फैसला किया था। इसी दौरान नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हुई, जिसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।
संगठन और तकनीक के बदलते दौर की कहानी
शिवराज ने कहा कि भाजपा का संगठन समय के साथ लगातार बदलता गया और तकनीक को अपनाने से कार्यकर्ताओं की कार्यशैली में बड़ा बदलाव आया। उन्होंने माना कि आज डिजिटल माध्यम राजनीति और संगठन दोनों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।