ICMR Cholesterol Study: आजकल की अनियमित लाइफस्टाइल और गलत खान-पान की वजह से ज्यादातर लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या देखी जाती है। लेकिन अगर आपको ये लगता है कि कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां सिर्फ बुजुर्गों या मोटापे से ग्रस्त लोगों को ही होती है, तो इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की ताजा स्टडी आपकी सोच बदल सकती है। स्टडी के मुताबिक भारत में लगभग 10 में से 9 वयस्क का कोलेस्ट्रॉल स्तर सामान्य नहीं है।
87.3% लोग इस समस्या से जूझ रहे
आपको बता दें कि देशभर के 23,665 लोगों पर इस अध्ययन को किया गया। अध्ययन के रिपोर्ट के मुताबिक 87.3 प्रतिशत भारतीय वयस्क किसी न किसी प्रकार की असामान्य कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की समस्या से जूझ रहे हैं। शरीर में बढ़ता कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकती है।
इस उम्र के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित
इस स्टडी की सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या 30 से 39 वर्ष की उम्र के लोगों में सबसे ज्यादा पाई गई है। यानि कम उम्र में ही एक बड़ी आबादी हार्ट अटैक और स्ट्रोक के गंभीर जोखिम की ओर बढ़ रही है।
महिलाओं और शहरों में चिंताजनक स्थिति
वहीं इस स्टडी में यह भी बात सामने आई है कि शहरों में रहने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है। शहरी क्षेत्रों में 89 प्रतिशत लोगों का कोलेस्ट्रॉल असामान्य पाया गया, जबकि ग्रामीण भारत में यह आंकड़ा 86.5 प्रतिशत रहा। वहीं, रिपोर्ट के अनुसार 91.1 प्रतिशत महिलाओं में कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है जबकि पुरूषों में यह आंकड़ा 83.5 प्रतिशत रहा।
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फिट दिखने वाले भी नहीं सुरक्षित
स्टडी में खुलासा हुआ है कि जिन्हें डायबिटीज, बीपी और मोटापे की समस्या नहीं है, उनमें से भी लगभग 40 प्रतिशत लोगों का कोलेस्ट्रॉल स्तर सामान्य नहीं था। इसका सीधा मतलब यह है कि केवल शारीरिक रूप से फिट दिखना या वजन कंट्रोल होना दिल के पूरी तरह स्वस्थ होने की गारंटी नहीं है।
बचाव के आसान तरीके
डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार इस समस्या से बचने के लिए नियमित रूप से लिपिड जांच करानी चाहिए। यह एक नॉर्मल रक्त जांच है, जिससे शरीर में कुल कोलेस्ट्रॉल, अच्छे और खराब कोलेस्ट्रॉल तथा ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर पता चलता है। अगर समस्या का शुरुआती दौर में ही पता चल जाए, तो संतुलित आहार लें और बाहर के तले-भुन व जंक फूड से परहेज करें। इसके अलावा रोजाना व्यायाम, योग या वॉक करें।