India vs New Zealand T20 : न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम का इरादा साफ कर दिया है। ठंडा मौसम, तेज गेंदबाजों की मददगार पिच और लगातार क्रिकेट खेलने की थकान, टीम इंडिया के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। लेकिन अय्यर का कहना है कि टीम का ध्यान मुश्किलें गिनाने पर नहीं, बल्कि जीतने की रणनीति बनाने पर रहेगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज का पहला मुकाबला 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा। भारतीय समय के मुताबिक मैच दोपहर 12:30 बजे शुरू होगा।
व्यस्त कार्यक्रम को नहीं बनाएंगे बहाना
भारतीय टीम हाल के दिनों में लगातार क्रिकेट खेल रही है। अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज के बाद खिलाड़ी एशियन गेम्स में भी हिस्सा ले चुके हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड का दौरा खिलाड़ियों के लिए एक और परीक्षा है। लगातार यात्रा और अलग-अलग माहौल में खेलने के बावजूद अय्यर को भरोसा है कि टीम जल्द हालात के मुताबिक खुद को ढाल लेगी। उन्होंने पहले के विदेशी दौरों का उदाहरण देते हुए कहा कि लगातार क्रिकेट खेलना और नए माहौल में तालमेल बैठाना खेल का हिस्सा है।
न्यूजीलैंड की पिच पर होगी असली परीक्षा
न्यूजीलैंड में भारतीय बल्लेबाजों के सामने तेज गेंदबाजों से निपटने की चुनौती होगी। यहां गेंद की गति और सीम मूवमेंट बल्लेबाजों को मुश्किल में डाल सकती है। अय्यर ने माना कि पिच का व्यवहार हर दिन एक जैसा नहीं होता। ऐसे में अभ्यास के दौरान हालात को समझना और उसी हिसाब से रणनीति बनाना जरूरी होगा। भारतीय टीम की कोशिश होगी कि शुरुआती मुकाबले से ही परिस्थितियों को पढ़कर अपने खेल में बदलाव करे और मेजबान टीम को कड़ी टक्कर दे।
भुवनेश्वर की वापसी से गेंदबाजी को मजबूती
श्रेयस अय्यर ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी को भी टीम के लिए अहम बताया। भुवनेश्वर करीब चार साल बाद भारतीय टी20 टीम में लौटे हैं। अय्यर के मुताबिक, टीम में नए गेंदबाजों के आने के बाद अनुभव की कमी महसूस हो रही थी। ऐसे में भुवनेश्वर का अनुभव गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती दे सकता है। उनकी वापसी से युवा गेंदबाजों को भी सीखने का मौका मिलेगा और टीम मुश्किल परिस्थितियों में बेहतर योजना के साथ उतर सकेगी।
घरेलू मैदान का फायदा न्यूजीलैंड को
अय्यर ने माना कि अपने मैदान पर खेलने से न्यूजीलैंड को फायदा मिल सकता है। मेजबान टीम को मैदानों और पिचों की बेहतर जानकारी होती है, जिससे मुकाबले में अंतर पैदा हो सकता है। हालांकि, भारतीय टीम के पास अनुभवी खिलाड़ी और आपसी तालमेल की ताकत है। कप्तान का भरोसा है कि खिलाड़ी परिस्थितियों को जल्दी समझकर अपनी रणनीति मैदान पर उतारेंगे। भारत के लिए शुरुआती मैचों में लय हासिल करना सीरीज की दिशा तय करने में अहम हो सकता है।
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प्लेइंग इलेवन में जगह के लिए कड़ी टक्कर
भारतीय टीम में खिलाड़ियों के बीच प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने की प्रतिस्पर्धा भी तेज है। अय्यर ने इसे ‘स्वीट हेडेक’ बताया, यानी ऐसी चुनौती जो टीम की मजबूती दिखाती है। उन्होंने संकेत दिया कि खिलाड़ी की बल्लेबाजी का क्रम टीम की जरूरत और मैच की परिस्थिति के हिसाब से तय होगा। ईशान किशन नंबर-3 पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए अय्यर ने खुद को ऊपर भेजने की संभावना से इनकार किया। अब नजर इस बात पर रहेगी कि भारतीय टीम न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में अपनी योजनाओं को कितनी अच्छी तरह लागू कर पाती है।