इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने आयरलैंड दौरे में मिली हार पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हार निराशाजनक जरूर थी, लेकिन टीम ने कई अहम सीख भी हासिल की। अय्यर ने माना कि आयरलैंड ने बेहतर क्रिकेट खेला, वहीं बेलफास्ट के मैदान की परिस्थितियां भी भारतीय टीम के लिए चुनौतीपूर्ण रहीं।
बेलफास्ट के मैदान को बताया अलग चुनौती
श्रेयस अय्यर के अनुसार बेलफास्ट का मैदान सामान्य अंतरराष्ट्रीय स्टेडियमों से काफी अलग था। उन्होंने कहा कि आउटफील्ड धीमी और पूरी तरह समतल नहीं थी, जबकि मैदान का आकार भी अलग था। ऐसे में कप्तान के तौर पर फील्ड सेट करना आसान नहीं था। उनका कहना था कि भारत और आईपीएल के अधिकांश मैदानों की तुलना में वहां की परिस्थितियों में तालमेल बैठाने में समय लगा।
बयान के बाद शुरू हुई नई चर्चा
अय्यर के इस बयान के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच बहस शुरू हो गई। कई लोगों का मानना है कि मैदान की परिस्थितियां दोनों टीमों के लिए समान थीं, इसलिए हार का पूरा कारण उसे नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि विदेशी परिस्थितियों के अनुसार जल्दी ढलना भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
बल्लेबाजी पर भी उठ रहे सवाल
आयरलैंड सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। शीर्ष क्रम के कई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाए और टीम मजबूत स्कोर बनाने में असफल रही। बल्लेबाजों के शॉट चयन और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति अपनाने को लेकर भी सवाल उठे। ऐसे में कई विशेषज्ञ मान रहे हैं कि हार की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजी रही, केवल मैदान नहीं।
इंग्लैंड दौरे पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
अब भारतीय टीम की नजर इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज पर है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि खिलाड़ी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जल्दी तालमेल बिठाएंगे। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना भारत के लिए बेहद अहम होगा, क्योंकि इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं।
इसे भी पढ़ें : डेब्यू का इंतजार, लेकिन नेट्स में दिखा दम, इंग्लैंड में Vaibhav Suryavanshi ने जड़े ताबड़तोड़ शॉट्स
पहले मैच पर रहेंगी सभी की नजरें
श्रेयस अय्यर के बयान ने सीरीज शुरू होने से पहले चर्चा जरूर बढ़ा दी है, लेकिन अब असली जवाब मैदान पर प्रदर्शन से मिलेगा। भारतीय टीम अगर इंग्लैंड के खिलाफ मजबूत शुरुआत करती है तो आयरलैंड दौरे की निराशा पीछे छूट सकती है। वहीं खराब प्रदर्शन की स्थिति में कप्तान के बयान और टीम की रणनीति दोनों पर सवाल और तेज हो सकते हैं।