भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को हरारे में खेला जाएगा। मैच से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने खिलाड़ियों से बिना किसी डर के खेलने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर खिलाड़ी असफलता के डर से बाहर निकलेंगे, तभी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाएंगे।
श्रेयस अय्यर ने दिया बड़ा संदेश
सीरीज शुरू होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में श्रेयस अय्यर ने कहा कि खिलाड़ियों को फेल होने का डर मन से निकाल देना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर खिलाड़ी असफल होने के डर से खेलेंगे तो खुलकर प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य बिना दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलना है।
'लोग क्या कहेंगे' इसकी चिंता नहीं
श्रेयस अय्यर ने कहा कि उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि लोग क्या कह रहे हैं या टीम के बारे में कैसी बातें हो रही हैं। उनके अनुसार, सबसे जरूरी बात यह है कि पूरी टीम एकजुट होकर मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करे और जीत के लिए खेले।
हालिया प्रदर्शन से बढ़ा दबाव
अय्यर की कप्तानी में भारत ने अब तक 7 टी20 मैच खेले हैं और टीम को एक भी जीत नहीं मिली है। आयरलैंड दौरे पर भारत को पहली बार टी20 सीरीज गंवानी पड़ी, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम सीरीज जीतने में सफल नहीं रही। ऐसे में जिम्बाब्वे दौरा टीम के लिए अहम माना जा रहा है।
जिम्बाब्वे में भारत का रिकॉर्ड मजबूत
भारत का जिम्बाब्वे में टी20 सीरीज का रिकॉर्ड अच्छा रहा है। टीम अब तक अपने पिछले चारों टी20 दौरों पर सीरीज जीत चुकी है। ऐसे में भारतीय टीम इस बार भी उसी प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेगी।
पहले मुकाबले पर रहेंगी सभी की नजरें
हरारे में होने वाला पहला टी20 दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण होगा। भारतीय टीम नए संयोजन और युवा खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरेगी, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति और नेतृत्व पर भी सभी की नजर रहेगी।
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जीत के साथ शुरुआत की उम्मीद
भारतीय टीम इस दौरे की शुरुआत जीत के साथ करना चाहेगी। श्रेयस अय्यर का मानना है कि अगर खिलाड़ी निडर होकर खेलेंगे, तो टीम बेहतर प्रदर्शन कर सकेगी और पिछले दौरों की निराशा को पीछे छोड़ते हुए नई शुरुआत कर पाएगी।