Shubhi Jain : इंदौर में अपने अलग अंदाज से ट्रैफिक नियमों के लिए लोगों को जागरूक करने वाली शुभी जैन एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका कोई ट्रैफिक वीडियो नहीं, बल्कि पुलिस के व्यवहार को लेकर किया गया एक वीडियो है। शुभी ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए एक पुलिसकर्मी पर कथित तौर पर अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
विवाद शुरू कैसे हुआ
शुभी के मुताबिक, वह सिग्नल पर ट्रैफिक संभाल रही थीं। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी और ई-रिक्शा चालक के बीच बहस हो गई। शुभी का कहना है कि वह सड़क पर बढ़ते विवाद को रोकने की कोशिश कर रही थीं, क्योंकि ऐसी बहस कई बार रोड रेज का रूप ले सकती है। इसी दौरान उनकी पुलिसकर्मी से भी बातचीत हुई।
‘लेडीज जात’ वाली बात पर जताई नाराजगी
शुभी का आरोप है कि बातचीत के दौरान पुलिसकर्मी ने उनसे कथित तौर पर कहा कि वह ‘लेडीज जात’ हैं और उनसे बात नहीं की जा रही। यही बात शुभी को सबसे ज्यादा परेशान करने वाली लगी। उन्होंने अपने वीडियो में इस तरह के व्यवहार पर सवाल उठाया और कहा कि आम लोगों से सम्मान से बात करना जरूरी है।
पुलिस पर भरोसे को लेकर उठाया सवाल
शुभी ने कहा कि वह खुद लोगों के बीच पुलिस की अच्छी छवि बनाने की कोशिश करती हैं। ट्रैफिक वॉर्डन के तौर पर उनका मकसद लोगों को नियम समझाना और सड़क पर सुरक्षित माहौल बनाने में मदद करना है। ऐसे में अगर किसी आम व्यक्ति के साथ पुलिस का व्यवहार ठीक नहीं होगा, तो उसके मन में पुलिस के प्रति भरोसा कैसे बनेगा, यही उनका सवाल है।
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चालान को लेकर भी उठे सवाल
शुभी ने इस पूरे मामले में एक और सवाल उठाया। उनका दावा है कि संबंधित पुलिसकर्मी उस समय वर्दी में नहीं था और बाइक पर बैठकर पीछे चल रहे ई-रिक्शा की तस्वीर ले रहा था। हालांकि, पुलिसकर्मी की पहचान, उस समय उसकी ड्यूटी और चालान की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए शुभी के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शुभी का कहना है कि उनका मकसद किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ माहौल बनाना नहीं है। वह चाहती हैं कि पुलिस और जनता के बीच भरोसा बना रहे। उनका मानना है कि जरूरत के समय आम आदमी को पुलिस के पास जाने में डर नहीं, बल्कि भरोसा महसूस होना चाहिए।