टीम इंडिया जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में व्यस्त थी, उसी दौरान शुभमन गिल रणजी ट्रॉफी खेलने मैदान में उतरे। फैंस को उम्मीद थी कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लौटकर गिल घरेलू क्रिकेट में बड़ा धमाका करेंगे। लेकिन रणजी ट्रॉफी के दूसरे हाफ में उनका आगाज उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा। पंजाब के लिए खेलने उतरे शुभमन गिल सौराष्ट्र के खिलाफ पहली पारी में खाता भी नहीं खोल सके और शून्य पर पवेलियन लौट गए।
राजकोट में सौराष्ट्र बनाम पंजाब
राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में सौराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी की। पूरी टीम सिर्फ 172 रन पर सिमट गई। इतना छोटा स्कोर देखकर लगा कि पंजाब आसानी से बढ़त बना लेगा। ऊपर से शुभमन गिल के टीम में शामिल होने से पंजाब और मजबूत नजर आ रही थी। लेकिन पिच पर हालात अलग निकले और सौराष्ट्र के गेंदबाजों ने पंजाब की बल्लेबाजी को भी मुश्किल में डाल दिया।
पंजाब की बल्लेबाजी लड़खड़ाई
पंजाब की शुरुआत बेहद खराब रही। टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज टिक नहीं सके और एक के बाद एक विकेट गिरते चले गए। सिर्फ 73 रन पर ही टीम के 5 विकेट गिर गए। कप्तानी संभाल रहे शुभमन गिल से टीम को संभालने की उम्मीद थी, लेकिन उनका विकेट भी जल्दी गिर गया। इससे पंजाब की परेशानी और बढ़ गई और मैच का रुख सौराष्ट्र की तरफ झुक गया।
जिस गेंदबाज ने पलटा खेल
शुभमन गिल को सौराष्ट्र के अनुभवी स्पिनर पार्थ भुत ने आउट किया। पार्थ भुत वही गेंदबाज हैं जिनका रणजी ट्रॉफी में एक पारी में 44 रन देकर 7 विकेट लेने का शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने अपनी फिरकी से पंजाब के बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। गिल उनकी गेंद को पढ़ नहीं सके और एलबीडब्ल्यू आउट हो गए।
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दो गेंद और कहानी खत्म
शुभमन गिल पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे थे। लेकिन उनकी पारी सिर्फ दो गेंद तक ही चल सकी। इससे पहले नेहाल वढेरा आउट हो चुके थे और गिल पार्थ भुत का दूसरा शिकार बने। गिल का इस तरह शून्य पर आउट होना फैंस के लिए बड़ा झटका रहा, क्योंकि उनसे एक जिम्मेदार पारी की उम्मीद थी।
कप्तानी के साथ बढ़ी उम्मीदें
वनडे सीरीज खत्म होने के बाद जैसे ही शुभमन गिल पंजाब टीम से जुड़े, उन्हें कप्तान बना दिया गया। प्रभसिमरण सिंह की जगह उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। कप्तानी मिलने से फैंस की नजरें और ज्यादा गिल पर टिक गई थीं। हालांकि पहली पारी में उनका बल्ला नहीं चला, लेकिन अब सभी को उनकी अगली पारी का इंतजार रहेगा। रणजी ट्रॉफी के इस मुकाबले में शुभमन गिल के पास खुद को साबित करने का अगला मौका अभी बाकी है।