भारतीय क्रिकेट में उस समय हलचल तेज हो गई जब टी20 विश्व कप 2026 के लिए शुभमन गिल को टीम में जगह नहीं मिली। एशिया कप के बाद टी20 टीम में वापसी कर चुके शुभमन का नाम मेगा टूर्नामेंट से पहले हटना कई सवाल खड़े कर रहा है। यह फैसला ऐसे वक्त आया है जब वह भारतीय टीम के अहम खिलाड़ी और दो फॉर्मेट में कप्तान हैं।
सेलेक्टर्स के फैसले पर शुभमन की प्रतिक्रिया
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने चयनकर्ताओं के फैसले पर शांत और संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह फैसले का पूरा सम्मान करते हैं और जब भी मौका मिलेगा देश के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। शुभमन का कहना है कि एक खिलाड़ी के तौर पर उनका काम मेहनत करना है न कि फैसलों पर सवाल उठाना।
मेरी तकदीर में जो लिखा है वही होगा
प्रेस वार्ता में शुभमन ने साफ कहा कि वह वर्तमान में जीने पर भरोसा रखते हैं। उनका कहना था कि मेरी तकदीर में जो लिखा है उसे कोई मुझसे नहीं छीन सकता। खिलाड़ी को हमेशा यह मानकर चलना चाहिए कि उसे जब भी अवसर मिलेगा वह अपना सर्वश्रेष्ठ देगा। यही सोच उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ कप्तानी की जिम्मेदारी
टी20 विश्व कप से बाहर होने के बावजूद शुभमन पर टीम का भरोसा बरकरार है। वह न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। शुभमन ने याद दिलाया कि इसी टीम के खिलाफ उनका एकदिवसीय पदार्पण हुआ था और वह पल उनके लिए बेहद खास है।
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कोई भी फॉर्मेट आसान नहीं
शुभमन ने कहा कि क्रिकेट का कोई भी फॉर्मेट आसान नहीं होता। उन्होंने याद दिलाया कि भारतीय टीम लंबे समय से एकदिवसीय विश्व कप नहीं जीत पाई है। ऐसे में हर फॉर्मेट में लगातार मेहनत और मजबूत इरादे जरूरी होते हैं। उनका मानना है कि सफलता के लिए धैर्य और तैयारी सबसे अहम हथियार हैं।
तैयारी को मानते हैं सबसे बड़ा आधार
शुभमन ने यह भी कहा कि पिछले कुछ दौरों में फॉर्मेट बदलने के बीच तैयारी का समय कम मिला। सफेद गेंद से लाल गेंद में ढलने के लिए पर्याप्त वक्त मिलना बहुत जरूरी है। उनके अनुसार सही तैयारी से ही खिलाड़ी अपने प्रदर्शन में निरंतरता ला सकता है। शुभमन का फोकस साफ है कि चाहे चयन हो या नहीं वह हर चुनौती के लिए खुद को तैयार रखेंगे।