भारतीय टी20 टीम के हालिया चयन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। चर्चा के केंद्र में हैं दो बड़े नाम—शुभमन गिल और संजू सैमसन। दोनों ही खिलाड़ी लंबे समय से भारतीय क्रिकेट का अहम हिस्सा रहे हैं, लेकिन साल 2025 में टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। यही वजह है कि एक ओर शुभमन गिल को टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया, वहीं दूसरी ओर संजू सैमसन भी अपनी जगह पक्की नहीं कर सके।
2025 में शुभमन गिल का रिपोर्ट कार्ड
साल 2025 में शुभमन गिल ने भारत के लिए 15 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। सभी मुकाबलों में उन्होंने ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाली, लेकिन बड़े स्कोर बनाने में नाकाम रहे। गिल ने 24.25 के औसत से कुल 291 रन बनाए, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 137 का रहा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पूरे साल उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला। पाकिस्तान के खिलाफ दुबई में खेली गई 47 रन की पारी उनकी सबसे बड़ी इनिंग रही। चौके-छक्कों की संख्या ठीक-ठाक रही, लेकिन निरंतरता की कमी ने उनकी दावेदारी कमजोर कर दी।
संजू सैमसन का 2025 का संघर्ष
संजू सैमसन ने भी 2025 में 15 टी20 मुकाबले खेले, लेकिन उन्हें सिर्फ 11 पारियों में बल्लेबाज़ी का मौका मिला। उन्होंने 20.18 के औसत और 126.85 के स्ट्राइक रेट से 222 रन बनाए।
एशिया कप में ओमान के खिलाफ एक अर्धशतक जरूर आया, लेकिन उसके अलावा बड़ी पारियां नहीं दिखीं। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज संजू के लिए बेहद खराब रही, जहां वह लगातार असफल रहे। इससे टीम मैनेजमेंट का भरोसा भी डगमगाया।
2024 बनाम 2025: संजू सैमसन का विरोधाभास
2024 का साल संजू सैमसन के करियर का बेहतरीन दौर रहा था। उन्होंने उस साल 12 पारियों में करीब 436 रन बनाए, औसत 44 और स्ट्राइक रेट 180 का रहा। तीन शतक और एक अर्धशतक के साथ वह भारत के सबसे सफल टी20 बल्लेबाज़ बने। इसके बावजूद उन्हें टी20 वर्ल्ड कप में मौका नहीं मिलना आज भी क्रिकेट फैंस के लिए बड़ा सवाल बना हुआ है।
कौन रहा बेहतर? आंकड़े क्या कहते हैं
अगर सिर्फ 2025 के आंकड़ों को देखा जाए तो शुभमन गिल और संजू सैमसन, दोनों ही खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। गिल का औसत और स्ट्राइक रेट थोड़ा बेहतर रहा, जबकि संजू के नाम एक अर्धशतक दर्ज है। कुल मिलाकर दोनों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर नजर नहीं आता।
आगे क्या?
भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने के लिए दोनों खिलाड़ियों को आने वाले समय में घरेलू क्रिकेट और लीग मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन करना होगा। वरना युवा खिलाड़ियों की बढ़ती भीड़ में उनकी चुनौती और कठिन हो सकती है।