जस्टिस वर्मा पर महाभियोग लाए जाने से जुड़े प्रस्ताव पर सभी सांसदों ने हामी भर दी है. इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वालों में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी हैं। इस पर सभी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किया है. इसमें भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूड़ी भी हैं. इसके साथ पीपी चौधरी, सुप्रिया सुले और केसी वेणुगोपाल ने भी हस्ताक्षर किए हैं. आपको बता दें कि जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली में मौजूद सरकारी आवास पर इस वर्ष 15 मार्च को बढ़ संख्या में 500 रुपये के जले हुए नोट मिले थे. वहीं वर्मा ने इन जले नोटों को लेकर कहा था कि यह नोट उनके नहीं हैं. अब उनके ऊपर महाभियोग के प्रस्ताव पर आम राय सामने आई है. इसके लिए मुहिम शुरू हो चुकी है.
कई पार्टियों ने समर्थन किया
इस प्रस्ताव पर अनुच्छेद 124, अनुच्छेद 217 और 218 के तहत कई पार्टियों ने समर्थन किया. कांग्रेस, तेलुगू देशम पार्टी, (TDP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), जनता दल सेकुलर (JDS), जनसेना पार्टी (Jansena party), असम गण परिषद (AGP), शिवसेना (एकनाथ शिंदे), लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-एम (CPM) समेत कई दलों के सांसदों ने महाभियोग लाने वाले प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया.
राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर
किसी जज को हटाने के प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर चाहिए. लोकसभा में प्रस्ताव को लेकर जरूरी समर्थन जुटाया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा में यह प्रस्ताव लाया जा सकता है। राज्यसभा से भी जरूरी 50 सांसदों का समर्थन मिल सकता है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, ये लोकसभा में पेश होगा या नहीं इस पर टिप्पणी अभी नहीं करूंगा. इसकी वजह स्पीकर की अनुमति से बीएसी की ओर से ये पारित होता है.