करवाचौथ के दिन सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट से सर्राफा बाजार में हलचल देखने को मिली। चांदी का भाव एक ही झटके में 4,600 रुपये से अधिक नीचे आ गया, जिसके बाद वायदा बाजार में इसकी कीमत 1.90 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर से भी नीचे पहुंच गई। सोने के भाव में भी करीब 700 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। त्योहारों के बीच कीमती धातुओं की कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है, जो आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, बाजार में आगे कीमतों की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
चांदी 1.90 लाख रुपये के नीचे, सोने में भी गिरावट
वायदा बाजार में दिसंबर अनुबंध के लिए चांदी की कीमत घटकर 1,89,637 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं, दिसंबर अनुबंध वाले सोने का भाव गिरकर 1,42,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। दोनों कीमती धातुओं में एक साथ आई गिरावट ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, वायदा बाजार के भाव और स्थानीय सर्राफा दुकानों पर मिलने वाली कीमतों में अंतर हो सकता है। आभूषण खरीदते समय कर, निर्माण शुल्क और अन्य लागतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले से बाजार में चिंता
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को 3.75 से 4 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखा। इसके बावजूद, कुछ अधिकारियों की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का समर्थन किए जाने से भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। बाजार में आशंका है कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाया जा सकता है। ऐसी परिस्थितियों में सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की मांग प्रभावित हो सकती है, क्योंकि निवेशक दूसरे विकल्पों की ओर भी रुख कर सकते हैं।
डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड और मुनाफावसूली का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाला प्रतिफल सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, बीते महीनों में कीमतों में आई तेजी के बाद कुछ निवेशक मुनाफा कमाने के लिए अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इसे मुनाफावसूली कहा जाता है। चांदी में उतार-चढ़ाव आमतौर पर अधिक रहने के कारण इसकी कीमतों में गिरावट भी तेज हो सकती है। औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी की मांग को लेकर बदलती उम्मीदें भी इसके भाव पर असर डाल सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोर पड़े भाव
वैश्विक बाजार में सोने की कीमत 0.42 प्रतिशत गिरकर 4,034.45 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि चांदी का भाव 2.47 प्रतिशत टूटकर 52.355 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मौजूदा गिरावट के बीच सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा? विशेषज्ञों की राय और बाजार की दिशा पर नजर रखना जरूरी है। शादी या त्योहार के लिए खरीदारी करनी हो, तो जरूरत के अनुसार चरणबद्ध खरीदारी पर विचार किया जा सकता है। केवल कीमत गिरने के आधार पर जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए।