सोने-चांदी के बाजार में गुरुवार को जबरदस्त भूचाल देखने को मिला। दो दिन की तेजी के बाद अचानक ऐसी गिरावट आई, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी एक ही दिन में करीब 27,000 रुपये सस्ती हो गई। मार्च डिलीवरी वाली चांदी का भाव 10 प्रतिशत टूटकर 2,42,000 रुपये प्रति किलो पर आ गया। इससे पहले चांदी 2,68,850 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुई थी। इतने बड़े झटके की उम्मीद बाजार को नहीं थी।
सोने के भाव भी फिसले
चांदी के साथ-साथ सोने में भी गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल डिलीवरी वाला सोना गुरुवार को 2,310 रुपये सस्ता होकर 1,50,736 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। बुधवार को सोने का भाव 1,53,046 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी एक दिन में करीब डेढ़ प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। बाजार जानकारों का कहना है कि हालिया तेजी पूरी तरह टिक नहीं पाई और मुनाफावसूली हावी हो गई।
विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं
ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के मुताबिक, सोना और चांदी दोनों ने पिछले दो दिनों की बढ़त गंवा दी है। उन्होंने कहा कि बाजार में फिर से बिकवाली का दबाव लौट आया है और अस्थिरता बढ़ गई है। निवेशक फिलहाल सुरक्षित रहने के मूड में दिख रहे हैं और तेजी पर भरोसा करने से हिचक रहे हैं।
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विदेशी बाजारों का भी असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार कॉमेक्स पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी करीब 10 प्रतिशत टूटकर 75.55 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। दिन के दौरान इसमें 13 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट भी देखी गई। वहीं अप्रैल डिलीवरी वाला सोना करीब 80 डॉलर सस्ता होकर 4870 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। इससे पहले सोना 5000 डॉलर के ऊपर चला गया था।
डॉलर और ब्याज दरें बनी वजह
इंडसइंड सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट जिगर त्रिवेदी का कहना है कि मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख ने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। अमेरिका के फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती को लेकर सुस्ती की उम्मीद है, जिससे डॉलर मजबूत हुआ है। इसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है।
आगे और गिरावट के आसार?
बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि फिलहाल गिरावट पर तुरंत खरीदारी का माहौल नहीं बन पाया है। अगर डॉलर मजबूत बना रहता है और वैश्विक संकेत कमजोर रहते हैं, तो आने वाले दिनों में सोने और चांदी पर और दबाव दिख सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट मौका भी बन सकती है, लेकिन जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जा रही है।