कीमती धातुओं के बाजार में सोमवार को ऐसा उछाल देखने को मिला, जिसने निवेशकों से लेकर आम ग्राहकों तक को चौंका दिया। चांदी ने वायदा कारोबार में पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया, जबकि सोना भी तेज छलांग लगाते हुए नए शिखर पर पहुंच गया। ग्लोबल टेंशन और सुरक्षित निवेश की मांग ने इन दोनों धातुओं की चमक और बढ़ा दी है।
चांदी ने तोड़ा हर रिकॉर्ड, 3 लाख के पार पहुंची
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही चांदी के भाव में एक झटके में 13 हजार रुपये से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। इसके साथ ही 1 किलो चांदी का भाव पहली बार 3 लाख रुपये के स्तर को पार करते हुए नया ऑल टाइम हाई बन गया। पिछले कारोबारी सत्र में जहां चांदी 2.87 लाख रुपये के आसपास बंद हुई थी, वहीं सोमवार को यह 3.01 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई।
जनवरी में ही 65 हजार रुपये की उछाल
इस साल की शुरुआत से ही चांदी की रफ्तार थमती नजर नहीं आ रही है। जनवरी 2026 में अब तक चांदी की कीमत करीब 65 हजार रुपये प्रति किलो बढ़ चुकी है। साल के आखिरी कारोबारी दिन 31 दिसंबर 2025 को जहां चांदी का भाव 2.35 लाख रुपये प्रति किलो था, वहीं अब यह 3 लाख रुपये के पार पहुंच चुकी है। यह तेजी निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाती है।
सोने ने भी दिखाई रफ्तार, एक झटके में महंगा
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला। वायदा कारोबार में सोने के भाव में करीब 2900 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की गई। सोमवार को बाजार खुलते ही सोना नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। इस साल की शुरुआत से अब तक सोना लगभग 9700 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो चुका है।
2026 में अब तक सोना-चांदी का शानदार प्रदर्शन
साल 2026 की शुरुआत से ही दोनों कीमती धातुएं लगातार निवेशकों को मजबूत रिटर्न दे रही हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में सोना और चांदी सुरक्षित निवेश के रूप में सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभरे हैं। यही वजह है कि हर गिरावट पर खरीदारी का रुझान बना हुआ है।
क्यों चमक रहे हैं सोना और चांदी?
सोने और चांदी की कीमतों में आई इस बंपर तेजी के पीछे वैश्विक तनाव को बड़ी वजह माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता, टैरिफ को लेकर तनाव और भू-राजनीतिक खींचतान के चलते निवेशक जोखिम भरे साधनों से दूरी बनाकर सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। इसी कारण सोना और चांदी की मांग तेज हुई है और इनके दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।