Simhastha 2028: महाकाल की नगरी उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ को लेकर हाईटेक तैयारी शुरू हो गई है। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन वाले इस भव्य आयोजन को स्मार्ट और सुगम बनाने के लिए जर्मनी से विशेष विशेषज्ञ दल उज्जैन पहुंचा। बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीकों की मदद से भीड़ प्रबंधन और कचरा नियंत्रण पर चर्चा हुई। जर्मन डेलिगेशन ने बताया कि जैसे उनके यहां फुटबॉल मैचों में एआई का उपयोग सफल रहा है, वैसे ही भारत जैसे विशाल देश में यह तकनीक बड़े धार्मिक आयोजनों में भी बेहद कारगर सिद्ध होगी।
जर्मन डेलिगेशन के साथ बैठक
सिंहस्थ मेला कार्यालय में आयोजित बैठक में जर्मन प्रतिनिधियों गेब्रियल, फीलीप, आंद्रे लेंगे, स्टीवन रेनवीक और डॉ. एलेक्जेन्ड्रिया ने भारतीय अधिकारियों और स्टार्टअप्स के साथ विचार साझा किए। निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की जानकारी दी और बताया कि एआई व आईओटी तकनीक से भीड़ को नियंत्रित करने और आयोजन को हाईटेक बनाने की योजना है।
फुटबॉल मैचों से मिला उदाहरण
जर्मन विशेषज्ञों ने साझा किया कि वहां फुटबॉल मैचों में भी एआई के जरिए लाखों दर्शकों का प्रबंधन किया जाता है। इसी संदर्भ में भारतीय प्रतिनिधियों को जर्मनी में एक मैच का आमंत्रण भी दिया गया, ताकि वे तकनीक के वास्तविक उपयोग को देख सकें।
कचरा प्रबंधन में AI का उपयोग
बैठक में बताया गया कि जर्मनी में एआई बेस्ड वेस्ट कलेक्शन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। भारत में भी ऐसे स्मार्ट समाधान अपनाने से सिंहस्थ जैसे आयोजनों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन आसान हो जाएगा।
स्टार्टअप्स को मिलेगा अवसर
बैठक में शामिल भारतीय स्टार्टअप्स ने जर्मनी के विशेषज्ञों के साथ संयुक्त अनुसंधान, निवेश और वैश्विक बाजार तक पहुंच पर चर्चा की। इस सहयोग से न केवल सिंहस्थ 2028 को हाईटेक बनाया जाएगा, बल्कि प्रदेश के स्टार्टअप्स को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
सम्मान और सौहार्द
बैठक के अंत में निगम आयुक्त ने जर्मन डेलिगेशन को महाकाल का स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी सीईओ संदीप शिवा, जीआईआईसी बोर्ड सदस्य सिद्धार्थ भसीन, अविनाश कश्यप सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।