मध्य प्रदेश के सिंगरौली में प्रेमी जोड़े की कथित गुपचुप शादी की तैयारी उस वक्त विवाद में बदल गई, जब जिला न्यायालय परिसर में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता एक वकील के चेंबर में पहुंच गए। बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की युवती और सिंगरौली के युवक ने परिजनों से छिपकर शादी करने के लिए कोर्ट का रुख किया था। इसके बाद चेंबर में हंगामा हुआ और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
यूपी की युवती और सिंगरौली के युवक की थी शादी की तैयारी
मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बीना क्षेत्र की रहने वाली युवती और सिंगरौली के बैढ़न निवासी युवक से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। दोनों कथित तौर पर अपने परिवारों को जानकारी दिए बिना शादी करने के इरादे से सिंगरौली जिला न्यायालय पहुंचे थे। बताया गया कि युवक पक्ष के वकील अजीम खान के चेंबर में दोनों की शादी से संबंधित दस्तावेजी प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान किसी तरह इसकी जानकारी बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कार्यकर्ताओं तक पहुंच गई।
अचानक चेंबर में पहुंच गए कार्यकर्ता, कोर्ट परिसर में मचा हंगामा
हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के चेंबर में पहुंचने के बाद वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कार्यकर्ताओं ने शादी की प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद देखते ही देखते मामला बहस और हंगामे में बदल गया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाए जाने की भी बात सामने आई है। अब इसी घटनाक्रम से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।
नोटरी के कागजात फाड़ने का आरोप
हिंदू संगठनों ने शपथ आयुक्त पारसनाथ शाह की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उनके पास संबंधित दस्तावेजों पर आधिकारिक साइन और सील करने का अधिकार नहीं था, इसके बावजूद शादी से जुड़े कागजात पर प्रक्रिया की जा रही थी।कार्यकर्ताओं का दावा है कि जैसे ही चेंबर में भीड़ पहुंची, शपथ आयुक्त ने शादी से जुड़े कागजात फाड़ दिए और उन्हें छिपाने की कोशिश की। इस घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड होने की बात भी कही जा रही है।
प्रेमी जोड़े को पुलिस के हवाले किया गया
विवाद बढ़ने के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रेमी जोड़े को पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद दोनों को कोतवाली पुलिस ले गई। पुलिस के मुताबिक युवती उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की रहने वाली है, इसलिए मामले को बीना पुलिस के हवाले किए जाने की बात सामने आई है।यानी सिंगरौली कोर्ट से शुरू हुआ यह मामला अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है। पुलिस स्तर पर आगे की कार्रवाई संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के आधार पर होने की बात कही गई है।
वकील और शपथ आयुक्त पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद हिंदू संगठनों ने वकील अजीम खान और शपथ आयुक्त पारस शाह के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। संगठनों की ओर से दोनों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ एफआईआर दर्ज करने की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है।वहीं, युवती के परिवार में भी इस घटना के बाद चिंता का माहौल बताया जा रहा है। परिजनों के परेशान होने की बात कही गई है। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रेमी जोड़े की शादी, दस्तावेजी प्रक्रिया और चेंबर में हुए विवाद को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।