
SIR: भारत निर्वाचन आयोग ने सोमवार (27 अक्टूबर) को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत का ऐलान किया। यह प्रक्रिया आज रात 12 बजे से नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू होगी। आयोग का कहना है कि इस चरण में अधिकतर लोगों को अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए कोई भी दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी। मतदाताओं को केवल 2003 की मतदाता सूची से अपना या अपने माता-पिता का नाम लिंक करना होगा। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर प्रत्येक राज्य की 2003 की सूची पहले ही जारी की जा चुकी है।
कब दिखाने होंगे डॉक्यूमेंट
यदि किसी व्यक्ति का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं है और उसके माता-पिता का नाम भी उस सूची में शामिल नहीं था, तो ऐसे लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए एक दस्तावेज दिखाना होगा। इस स्थिति में आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र या स्थायी निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज मान्य होंगे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा इन्हीं दस्तावेजों को वैध माना जाएगा। इसके अलावा, राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारियों को जारी पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर या भूमि आवंटन दस्तावेज भी पहचान के लिए स्वीकार किए जाएंगे।
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दूसरे चरण की अहम तारीखें
SIR की प्रक्रिया 28 अक्टूबर से शुरू होकर 7 फरवरी तक चलेगी। 4 नवंबर से बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे और 2003 की सूची से नाम लिंक कर नई मतदाता सूची तैयार करेंगे। यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी। 9 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी, और जिनका नाम लिंक नहीं होगा उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। नागरिक 8 जनवरी तक अपील कर सकेंगे, जबकि दस्तावेज सत्यापन और नाम जोड़ने की प्रक्रिया 31 जनवरी तक चलेगी। 7 फरवरी 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी, जिससे कई राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारियों पर असर पड़ने की संभावना है।