SIR Update: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में मतदेय स्थलों (बूथ) के विभाजन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद प्रदेश में बूथों की संख्या 1,77,516 से घटकर 1,73,730 रह गई है। यानी कुल 3,786 बूथ कम हो गए हैं। यह प्रक्रिया प्रदेश के सभी 75 जिलों में पूरी की गई है।मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. नवदीप रिणवा ने बताया कि बूथों का पुनर्गठन 1,200 मतदाताओं के निर्धारित मानक के आधार पर किया गया है। जिलों से प्राप्त प्रस्तावों को निर्वाचन आयोग के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। अब आयोग से स्वीकृत बूथों पर ही मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा।
परिवार के सदस्यों के नाम एक ही बूथ पर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नए स्वीकृत मतदेय स्थलों पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की तैनाती सुनिश्चित की जाए। जिन मतदाताओं के मतदान केंद्र बदले गए हैं, उन्हें संबंधित बीएलओ के माध्यम से लिखित रूप में इसकी जानकारी दी जाएगी। बीएलओ सुपरवाइजर इस प्रक्रिया की नियमित निगरानी करेंगे, जबकि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व्यवस्थाओं का सत्यापन करेंगे। निर्वाचन अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि एक परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची के एक ही भाग में दर्ज हों। यदि प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग बूथों पर पाए जाते हैं तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन कराया जाएगा।
राजनीतिक दलों को भी मिलेगी बूथों की सूची
आयोग ने सभी स्वीकृत मतदेय स्थलों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने को कहा गया है, ताकि मतदाताओं को अपने नए या परिवर्तित बूथ की जानकारी समय से मिल सके। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य मतदान के दौरान मतदाताओं को किसी तरह की असुविधा से बचाना है।