
ओवल की पिच पर जब भारतीय टीम को किसी करिश्मे की तलाश थी, तब सिराज ने वो कर दिखाया, जो केवल बड़े खिलाड़ी करते हैं. जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी, दबाव का आलम, इंग्लैंड जीत के मुहाने पर लेकिन सिराज ने अपने नाम के साथ क्रिकेट इतिहास में एक सुनहरा अध्याय जोड़ दिया. दरअसल आखिरी दिन सुबह जैसे ही खेल शुरू हुआ, सिराज ने सिर्फ 4 ओवर में 3 विकेट उड़ाकर इंग्लैंड को घुटनों पर ला दिया. जेमी स्मिथ, ओवर्टन और गस एटकिंसन, सब एक-एक करके सिराज की आग में झुलसते चले गए. सिराज की बॉलिंग स्पीड नहीं, उसका इंटेंसिटी हावी था. एक तूफान सा उठा, जिसने इंग्लिश बल्लेबाज़ी की नींव हिला दी.
9 विकेट लेकर रचा इतिहास
आपको बता दें इस टेस्ट में सिराज ने पहली पारी में 4 और दूसरी में 5, कुल मिलाकर 9 विकेट लिए. उनकी गेंदबाजी का असर सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नहीं, बल्कि अंग्रेज फैन्स के चेहरों पर भी दिख रहा था. मोहम्मद सिराज की ये परफॉर्मेंस सिर्फ़ एक जीत नहीं थी, ये उस जज्बे का प्रमाण थी जो भारतीय क्रिकेट को विश्व मंच पर गौरवान्वित करता है. इतना ही नहीं, पूरी सीरीज में सिराज ने कुल 23 विकेट लिए यानी पूरे इंग्लैंड दौरे पर वो भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे और ये सब तब, जब बुमराह जैसे सीनियर खिलाड़ी मैदान पर मौजूद नहीं थे. बता दें इंग्लैंड का सबसे आखिरी विकेट सिराज ने एटकिसंन को क्लीन बोल्ड कर लिया, जिसके चलते इंग्लैंड 367 रन पर ढेर हो गई. इसके साथ ही टेस्ट सीरीज 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई.
सिराज का किला बना ओवल !
खबरों की मानें तो मैच से पहले टीम इंडिया के तेज गेंदबाज सिराज ने अपने फोन की स्क्रीन पर "Believe" लिखा था और उसी विश्वास को उन्होंने हकीकत में बदला. क्रिकेट फैन्स कह रहे हैं सिराज अब खिलाड़ी नहीं, इमोशन है. वहीं ओवल अब सिर्फ मैदान नहीं रहा, वो सिराज का किला बन चुका है जहां एक गेंदबाज़ ने इतिहास रचा, इंग्लैंड को रोका और भारत को जीत दिलाई.