
आईपीएस अधिकारी की आत्महत्या के मामले में विशेष जांच टीम (SIT)ने जांच की गति को तेज कर दी है। टीम 11 अक्टूबर से रोहतक में जांच कार्य कर रही है। इस दौरान जांच संबंधी कार्यवाही जारी रही। जानकारी के अनुसार, SIT ने जांच के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करवाने को लेकर हरियाणा सरकार को बीएनएसएस की धारा 94 के तहत नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही, मामले से जुड़े साक्ष्यों (exhibits)को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL)में भेजा गया है।
शिकायतकर्ता को औपचारिक पत्र भेजा गया
मामला एफआईआर संख्या औथाना सेक्टर-11, चंडीगढ़ के तहत दर्ज किया गया है। जांच के क्रम में एसएसपी/यूटी की ओर से शिकायतकर्ता को औपचारिक पत्र भेजा गया है। इसमें उनसे शव की पहचान के लिए आगे आने का अनुरोध किया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम परीक्षण (PME) शीघ्रता से कराया जा सके और जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
पूरन कुमार की लाश का पोस्टमार्टम नहीं हो सका
आपको बता दें कि सात दिन बाद भी सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की लाश का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। वजह है, उनकी पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार का सख्त रुख है. अमनीत अपने पति की मौत को आत्महत्या नहीं, बल्कि ‘साजिशन हत्या’बता रही हैं. उनकी डिमाड है कि वह तब तक पोस्टमार्टम की इजाजत नहीं देने को तैयार नहीं हैं, जब तक हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं जाती है।
आत्महत्या या थी साजिश?
7 अक्टूबर को आईपीएस वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में अपने सरकारी आवास में खुद को गोली मार ली थी। उस समय पत्नी अमनीत जापान में एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल के संग दौरे पर थीं. ऐसे में उन्हें घटना की जब खबर लगी वे तुरंत वापस लौटीं. ऐसा बताया जाता है कि पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में हरियाणा के डीजीपी सहित 15 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम थे। इन पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है.