Cough Syrup: भदोही जिले में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार करने वाली फर्मों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। वाराणसी स्थित पूर्णा फार्मा की संचालिका के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है।
कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी हुई
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि इस फर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी हुई है। संचालिका के देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए उनके पासपोर्ट को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एसआईटी ने पांच अन्य फर्म संचालकों के खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कराने की तैयारी पूरी कर ली है। इन फर्मों पर भदोही और आसपास के क्षेत्रों में कोडीन सिरप की अवैध आपूर्ति और भंडारण का आरोप है। इससे पहले 18 जनवरी को एसपी स्तर पर इन पांच फर्म संचालकों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। यह इनाम घोषणा फरार आरोपियों को पकड़ने और जांच में सहयोग बढ़ाने के लिए की गई थी।
दुरुपयोग तेजी से बढ़ा
कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप एक नियंत्रित दवा है, जिसका चिकित्सकीय उपयोग सीमित है, लेकिन इसका नशीले पदार्थ के रूप में दुरुपयोग तेजी से बढ़ा है। उत्तर प्रदेश में यह रैकेट नेपाल और बांग्लादेश तक फैला हुआ है, जहां लाखों बोतलें तस्करी की जाती हैं। एसआईटी की जांच में फर्जी फर्मों, बोगस दस्तावेजों और बड़े नेटवर्क का खुलासा हो रहा है। भदोही में कई मेडिकल फर्मों के नाम सामने आए हैं, जो अवैध तरीके से कोडीन सिरप की खरीद कर रही थीं।
सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
पुलिस और एसआईटी का कहना है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फरार आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। जांच में और भी कई नाम सामने आने की संभावना है, जिससे इस सिंडिकेट पर पूरी तरह लगाम लग सके।