तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव को जांच एजेंसी की विशेष टीम ने एक बार फिर समन जारी किया है। उन्हें 1 फरवरी को दोपहर 3 बजे हैदराबाद स्थित अपने नंदीनगर आवास पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। यर्रावेल्ली में पूछताछ कराने की उनकी मांग को एजेंसी ने ठुकरा दिया है।
CrPC की धारा 160 के तहत निर्देश
जांच एजेंसी ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 160 के अंतर्गत नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि केसीआर को तय समय पर अपने आधिकारिक पते पर उपस्थित रहना होगा। पत्र में कहा गया है कि यह समन प्रकरण संख्या 243/2024 से जुड़ा है, जिसमें उन्हें साक्ष्य के तौर पर शामिल किया जा रहा है। नोटिस 30 जनवरी को जारी किया गया, जिस पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।
यर्रावेल्ली में पूछताछ की मांग खारिज
केसीआर की ओर से इससे पहले जांच स्थल बदलने का अनुरोध किया गया था। उनके प्रतिनिधियों ने यर्रावेल्ली गांव, मारकूक मंडल में पूछताछ कराने की मांग रखी थी। हालांकि, जांच एजेंसी ने दो टूक कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड में पता हैदराबाद का दर्ज है और कानूनी प्रक्रिया के तहत इसे बदलना उचित नहीं होगा।
संवेदनशील रिकॉर्ड का हवाला
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक दस्तावेज अत्यंत संवेदनशील हैं। सुरक्षा कारणों से इन रिकॉर्ड्स को किसी अन्य स्थान पर ले जाना संभव नहीं है। इसी वजह से पूछताछ का स्थान वही रखा गया है, जहां ये दस्तावेज सुरक्षित रूप से उपलब्ध हैं।
उम्र और स्वास्थ्य को लेकर दी गई छूट
अधिकारियों ने कहा कि केसीआर की उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पहले पुलिस थाने में उपस्थित होने की बाध्यता को शिथिल किया गया है और अब उनके आवास पर ही पूछताछ की जाएगी। हालांकि, स्थान परिवर्तन की अनुमति नहीं दी गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह प्रक्रियागत और सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।
राजनीतिक हलचल और आगे की निगाहें
यह नोटिस ऐसे समय आया है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। जांच एजेंसी के इस कदम को मामले की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें 1 फरवरी पर टिकी हैं कि केसीआर एजेंसी के निर्देशों का पालन करते हैं या अपनी मांग पर आगे कोई कानूनी कदम उठाते हैं