दूसरे विश्व युद्ध के दौर में जब प्रोपेलर वाले विमान आसमान में राज करते थे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन ऐसे फाइटर जेट आएंगे जो रडार पर दिखेंगे ही नहीं। बीते करीब 80 सालों में हवाई युद्ध की तकनीक पूरी तरह बदल चुकी है। पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स ने स्टील्थ और आधुनिक सेंसर के जरिए युद्ध का तरीका ही बदल दिया। अब दुनिया इससे भी एक कदम आगे बढ़ने की तैयारी में है।
छठी पीढ़ी क्यों मानी जा रही है गेम चेंजर
अब चर्चा छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स की है, जिन्हें सिर्फ अपग्रेड नहीं बल्कि बड़ा तकनीकी बदलाव माना जा रहा है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के नए एफ–47 फाइटर जेट को दुनिया का सबसे विनाशकारी एयरक्राफ्ट बताया था। यह भी छठी पीढ़ी का ही हिस्सा माना जा रहा है। इससे साफ है कि आने वाले समय में हवाई ताकत की परिभाषा पूरी तरह बदलने वाली है।
पांचवीं पीढ़ी से कितनी बड़ी छलांग
एफ–35 और एफ–22 जैसे पांचवीं पीढ़ी के जेट्स ने स्टील्थ, सेंसर फ्यूजन और तेज हमले की नई मिसाल कायम की। लेकिन छठी पीढ़ी के फाइटर जेट इससे कहीं आगे जाने वाले हैं। यह कोई साधारण सुधार नहीं होगा, बल्कि तकनीक में बड़ी छलांग होगी। इन विमानों को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वे अकेले नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के रूप में काम करें।
बिना पायलट या ऑप्शनल पायलट सिस्टम
छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स की सबसे खास बात होगी ऑप्शनल पायलट सिस्टम। यानी इन्हें पायलट खुद उड़ा सकता है, दूर से कंट्रोल किया जा सकता है या फिर पूरी तरह बिना पायलट के भी मिशन पर भेजा जा सकता है। ये जेट अपने साथ कई ऑटोनॉमस ड्रोन भी कंट्रोल करेंगे, जिन्हें लॉयल विंगमैन कहा जाता है। ये ड्रोन टोही, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और हमले में मुख्य फाइटर की मदद करेंगे।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनेगा दिमाग
छठी पीढ़ी के फाइटर जेट्स का असली हथियार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होगा। यह सिस्टम युद्ध के दौरान आने वाले भारी डेटा का तुरंत विश्लेषण करेगा। कौन सा खतरा पहले है, कहां हमला करना है और किससे बचना है, ऐसे फैसलों में AI पायलट की मदद करेगा। तेज रफ्तार लड़ाई के बीच यह तकनीक पायलट पर दबाव भी कम करेगी।
लेजर हथियार और नई स्टील्थ तकनीक
जहां पांचवीं पीढ़ी के जेट मिसाइल पर निर्भर थे, वहीं छठी पीढ़ी के फाइटर जेट लेजर और डायरेक्टेड एनर्जी हथियारों से लैस होंगे। हाई एनर्जी लेजर और माइक्रोवेव सिस्टम रोशनी की रफ्तार से दुश्मन को निशाना बना सकेंगे। साथ ही नई स्टील्थ डिजाइन की वजह से इन्हें रडार, इंफ्रारेड और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से पकड़ पाना बेहद मुश्किल होगा। साफ है कि छठी पीढ़ी के फाइटर जेट हवाई युद्ध की पूरी तस्वीर बदलने वाले हैं।