दूसरे विश्व युद्ध के समय के प्रोपेलर वाले विमान से लेकर आज के स्टील्थ फाइटर जेट तक हवाई युद्ध की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले करीब 80 सालों में टेक्नोलॉजी ने ऐसी छलांग लगाई है, जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट पहले ही रडार से बचने, स्मार्ट सेंसर और तेज हमले की नई परिभाषा लिख चुके हैं। अब दुनिया की बड़ी सैन्य ताकतें इससे भी आगे बढ़ने की तैयारी में हैं।
छठी पीढ़ी की शुरुआत क्यों खास है
अब बात छठी पीढ़ी के फाइटर जेट की हो रही है, जिसे सिर्फ अपग्रेड नहीं बल्कि बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के नए फाइटर जेट को दुनिया का सबसे खतरनाक एयरक्राफ्ट बताया। यह संकेत है कि आने वाले समय में हवाई युद्ध पूरी तरह नई दिशा में जाएगा। छठी पीढ़ी के जेट्स पांचवीं पीढ़ी की सीमाओं को भी पीछे छोड़ने वाले हैं।
बिना पायलट या ऑप्शनल पायलट सिस्टम
छठी पीढ़ी के फाइटर जेट की सबसे बड़ी खासियत होगी ऑप्शनल पायलट सिस्टम। यानी इन्हें पायलट खुद उड़ा सकता है, दूर से कंट्रोल किया जा सकता है या फिर ये पूरी तरह बिना पायलट के भी मिशन पूरा कर सकते हैं। इतना ही नहीं, ये फाइटर अपने साथ छोटे-छोटे ड्रोन के झुंड को भी कंट्रोल करेंगे। इन्हें लॉयल विंगमैन कहा जाता है, जो टोही, हमला और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में मदद करेंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होगा दिमाग
छठी पीढ़ी के जेट्स का असली दिमाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होगा। यह सिस्टम पायलट को हर पल मदद देगा। युद्ध के मैदान से आने वाले भारी डाटा का तुरंत विश्लेषण किया जाएगा। कौन सा खतरा पहले है, कहां हमला करना है और किसे बचना है, ऐसे फैसलों में AI बड़ी भूमिका निभाएगा। तेज रफ्तार लड़ाई के दौरान यह पायलट पर बोझ भी कम करेगा।
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और भी खतरनाक होगी स्टील्थ टेक्नोलॉजी
स्टील्थ तकनीक को इस पीढ़ी में और मजबूत किया जाएगा। छठी पीढ़ी के फाइटर जेट को रडार, इंफ्रारेड और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से पकड़ पाना बेहद मुश्किल होगा। कुछ डिजाइन में पारंपरिक पूंछ को हटाया जा सकता है, जिससे रडार पर दिखाई देने की संभावना और कम हो जाएगी। इससे जेट ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा असरदार बनेंगे।
लेजर हथियारों से बदलेगी लड़ाई
जहां पांचवीं पीढ़ी के जेट्स मिसाइल पर निर्भर थे, वहीं छठी पीढ़ी के फाइटर जेट लेजर और डायरेक्टेड एनर्जी हथियारों से लैस होंगे। ये हथियार रोशनी की रफ्तार से हमला करेंगे। दुश्मन के ड्रोन, मिसाइल और जेट को पल भर में निशाना बनाया जा सकेगा। साफ है कि छठी पीढ़ी के फाइटर जेट आने वाले समय में हवाई युद्ध का पूरा चेहरा बदलने वाले हैं।