Skin Care Tips : कई बार नहाने और शरीर की सफाई करने के बाद भी गर्दन, कोहनी और घुटनों की त्वचा का रंग गहरा दिखाई देता है. ऐसे में लोगों को लगता है कि इन हिस्सों पर मैल जमा हुआ है, जिसे रगड़कर साफ करना जरूरी है। हालांकि, हर बार कालापन गंदगी की वजह से नहीं होता। इसके पीछे टैनिंग, त्वचा पर घर्षण, रूखापन और पिगमेंटेशन जैसी वजहें भी हो सकती हैं। ऐसे में त्वचा को साफ करने के लिए तेज स्क्रब या घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करने के बजाय सही देखभाल करना जरूरी है.
गर्दन का कालापन कम करने के लिए क्या करें
गर्दन की त्वचा को साफ रखने के लिए हल्के क्लींजर का इस्तेमाल करें। नहाते समय गर्दन के आगे और पीछे के हिस्से को धीरे-धीरे साफ करें। इसके बाद मॉइस्चराइजर लगाएं, ताकि त्वचा में नमी बनी रहे। अगर गर्दन धूप के संपर्क में आती है, तो उस पर भी एसपीएफ 30 या इससे अधिक वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं। इससे टैनिंग बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है.
कोहनी और घुटनों की ऐसे करें देखभाल
कोहनी और घुटनों पर अक्सर घर्षण अधिक होता है, जिससे त्वचा रूखी और गहरी दिख सकती है। इन हिस्सों को साफ करने के लिए बहुत जोर से रगड़ने या खुरदरे स्क्रब का इस्तेमाल करने से बचें। नहाने के बाद त्वचा थोड़ी नम हो, तभी मॉइस्चराइजर लगाएं। रूखेपन की समस्या अधिक होने पर ग्लिसरीन, सेरामाइड या यूरिया युक्त मॉइस्चराइजर मददगार हो सकता है.
नींबू और इनो लगाने से बचें
त्वचा का कालापन दूर करने के लिए कई लोग नींबू, बेकिंग सोडा या इनो जैसे घरेलू उत्पाद लगाने लगते हैं। ऐसा करना त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इनसे जलन, रूखापन और त्वचा में सूजन हो सकती है, जिससे कालापन और बढ़ सकता है। इसलिए त्वचा पर ऐसे प्रयोग करने के बजाय सौम्य उत्पादों का इस्तेमाल करें.
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए
अगर गर्दन का कालापन लगातार बढ़ रहा है या त्वचा मोटी और मखमली दिखाई देने लगी है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। कभी-कभी ऐसा बदलाव इंसुलिन प्रतिरोध जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। सही कारण का पता लगाकर ही उचित उपचार करना बेहतर है। नियमित सफाई, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते है.