मध्य प्रदेश के सागर क्षेत्र स्थित वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से एक चौंकाने वाली और रोमांचक खोज सामने आई है। यहां पहली बार दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली ‘रस्टी-स्पॉटेड कैट’ कैमरे में कैद हुई है। यह खोज न सिर्फ वन्यजीव प्रेमियों को हैरान कर रही है, बल्कि जंगल के भीतर छिपी अनदेखी दुनिया और उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी नए सवाल खड़े कर रही है।
पहली बार सामने आया सबूत
टाइगर रिजर्व में यह दुर्लभ तस्वीर कैमरा ट्रैप सर्वे के दौरान रिकॉर्ड की गई। फरवरी से मार्च 2024 के बीच हुए इस अभियान में जंगल के एक शांत इलाके में यह छोटी लेकिन बेहद फुर्तीली बिल्ली कैमरे में कैद हो गई। विशेषज्ञों के लिए यह किसी “साइलेंट ऑपरेशन” के खुलासे जैसा है, क्योंकि यह प्रजाति बेहद छुपकर रहने वाली मानी जाती है।
कौन है यह रहस्यमयी बिल्ली?
रस्टी-स्पॉटेड कैट दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्ली मानी जाती है। इसका आकार भले छोटा हो, लेकिन इसकी चालाकी और छिपने की क्षमता इसे जंगल का ‘मास्टर सर्वाइवर’ बनाती है। इसे IUCN की रेड लिस्ट में ‘Near Threatened’ श्रेणी में रखा गया है, जबकि भारत में इसे वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत उच्च सुरक्षा प्राप्त है।
जंगल के भीतर छुपा नेटवर्क
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बिल्ली की मौजूदगी यह संकेत देती है कि रिजर्व के अंदर एक मजबूत और संतुलित इकोसिस्टम मौजूद है। यह प्रजाति आमतौर पर सूखे जंगलों, झाड़ियों, घास के मैदानों और पथरीले इलाकों में पाई जाती है। दिलचस्प बात यह है कि कभी-कभी यह इंसानी बस्तियों के आसपास भी दिखाई देती है, जिससे इसके ‘अनदेखे मूवमेंट’ को लेकर जिज्ञासा और बढ़ जाती है।
क्यों खास है यह खोज?
करीब 2,339 वर्ग किलोमीटर में फैले इस टाइगर रिजर्व में पहले से बाघ, भालू, भेड़िये और गिद्ध जैसे वन्यजीव मौजूद हैं। अब इस नई प्रजाति की पुष्टि ने इसकी जैव विविधता को और मजबूत कर दिया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज आने वाले समय में छोटे वन्यजीवों पर रिसर्च और संरक्षण रणनीतियों को नई दिशा देगी।
आगे की जांच जरूरी
यह अध्ययन CATnews में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों ने इस प्रजाति के व्यवहार, आवास और संख्या को लेकर गहराई से अध्ययन करने की जरूरत बताई है। फिलहाल, यह “गुप्त मेहमान” जंगल में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुका है—अब उसे समझना बाकी है।