Excessive Screen Time: कुछ समय पहले तक न्यूरोलॉजिस्ट के पास आमतौर पर बुजुर्ग ही जाते थे, जिन्हें स्ट्रोक, पार्किसन, मिर्गी या भूलने की बीमारी होती थी। लेकिन अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है। आजकल न्यूरोलॉजिस्ट के पास बड़ी संख्या में युवा और किशोर दिमाग से जुड़ी समस्याओं को लेकर डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह स्मार्टफोन का बिना रुके और गलत तरीके से इस्तेमाल करना है।
दिखते हैं ये लक्षण
स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से युवाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे बार-बार सिर दर्द होना, ध्यान न लगना, नींद खराब होना, चक्कर आना, दिमाग में धुंधलापन महसूस होना और छोटी-छोटी बातें भूल जाना जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
दिमाग और शरीर पर पड़ता है बुरा असर
न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर के मुताबिक, स्मार्टफोन ने काम करने, पढ़ाई करने और लोगों के जुड़ने का तरीका बदल दिया है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा और बिना कंट्रोल के इस्तेमाल ध्यान लगाने की क्षमता, नींद, मूड और दिमाग की कार्यक्षमता पर असर डाल सकता है। फोन में बार-बार नोटिफिकेशन आना और सोशल मीडिया स्कॉल करना दिमाग को हर समय व्यस्त रखता है। इससे दिमाग को लगातार नई चीजों की आदत पड़ जाती है और फिर किसी भी काम में लंबे समय तक ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि कई युवा अब किताब पढ़ने, मीटिंग में बैठने या पढ़ाई करने के दौरान भी बार-बार फोन देखने लगते हैं.
बच्चों पर सबसे ज्यादा पड़ता है असर
डॉक्टर के अनुसार रात में देर तक फोन की ब्लू लाइट देखने से मेलाटोनिन नाम का हार्मोन कम बनता है। यह हार्मोन नींद के लिए जरूरी होता है। नींद पूरी न होने से तनाव, डिप्रेशन और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों और किशोरों का दिमाग पूरी तरह विकसिस नहीं होता है। इसलिए स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल उनकी, पढ़ाई, नींद, शारीरिक विकास और व्यवहार को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
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मांसपेशियों में आता है खिंचाव
घंटों गर्दन झुकाकर फोन देखने से गर्दन और कंधों पर दबाव पड़ता है। इससे मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिसे टेक्स्ट नेक कहते हैं। इसकी वजह से माइग्रेन और सिरदर्द बढ़ता है। इसके अलावा लगातार स्क्रीन देखने से डिजिटल थकान भी महसूस होने लगती है, जिससे व्यक्ति मानसिक रूप से थका हुआ, चिड़चिड़ा और काम में रुचि न लेने वाला महसूस कर सकता है।
बचाव के आसान उपाय
एक्सपर्ट्स के अनुसार स्मार्टफोन बुरा नहीं है, बल्कि उसका गलता इस्तेमाल नुकसान पहुंचाता है। इस समस्या से बचने के लिए एक्सपर्ट 20-20-20 नियम अपनाने की सलाह देते हैं। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए करीब 20 फीट दूर किसी चीज को देखें। इससे आंखों और दिमाग को आराम मिलता है। साथ ही स्क्रीन से बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें। सोने से कम से कम 1 घंटे पहले फोन का इस्तेमाल न करें। बैठने का तरीका सही रखे, नियमित व्यायाम करें और रोज कुछ समय खुली हवा में बिताएं।