Smriti Mandhana Captaincy : भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। इन जीतों में सिर्फ नतीजा ही नहीं, बल्कि टीम का खेलने का अंदाज भी चर्चा में है। बल्लेबाज अब दबाव में भी तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रही हैं। कप्तान स्मृति मंधाना की अगुवाई में टीम का यही निडर अंदाज दिखाई दे रहा है।
रोहित शर्मा ने बदली थी सोच
भारतीय पुरुष टीम में आक्रामक क्रिकेट की चर्चा कप्तान रोहित शर्मा के दौर में तेजी से बढ़ी। 2022 टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड से मिली हार के बाद भारतीय टीम ने अपने बल्लेबाजी के तरीके पर नए सिरे से काम किया। रोहित ने पारी की शुरुआत से ही तेजी से रन बनाने पर जोर दिया। इसका असर 2023 वनडे विश्व कप में भी दिखाई दिया, जहां भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची। इसके बाद भारत ने 2024 टी20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 विश्व कप भी जीता।
पुराने तरीके की कमजोरी
पहले भारतीय टीम की बल्लेबाजी काफी हद तक टॉप ऑर्डर पर निर्भर रहती थी। रोहित शर्मा, विराट कोहली और शिखर धवन जैसे बल्लेबाजों के विकेट जल्दी गिरने पर टीम दबाव में आ जाती थी। कई बार मध्यक्रम के खिलाड़ियों को बड़े मैचों में अचानक जिम्मेदारी संभालनी पड़ती थी। अब आक्रामक अंदाज में खेलने से मध्यक्रम को भी लगातार बल्लेबाजी का मौका मिल रहा है। इससे खिलाड़ियों को दबाव में खेलने का अनुभव मिलता है और टीम के पास मुश्किल हालात से निकलने के ज्यादा विकल्प रहते हैं।
पहले मैच में मुश्किल से निकली टीम
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए मुश्किल में फंस गई थी। टीम ने 19 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद निकी प्रसाद और दीप्ति शर्मा ने पारी को संभाला। दोनों ने पहले साझेदारी बनाने पर ध्यान दिया और फिर तेजी से रन जुटाए। इस प्रदर्शन ने दिखाया कि शुरुआती झटकों के बाद भी टीम मुकाबले में वापसी करने की क्षमता रखती है।
शेफाली और स्मृति ने मचाया धमाल
दूसरे मुकाबले में शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 25 गेंदों पर 55 रन बनाए। कप्तान स्मृति मंधाना ने भी 25 गेंदों पर नाबाद 47 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की पारियों ने भारत की जीत को आसान बना दिया। शेफाली पहले भी कह चुकी हैं कि स्मृति की कप्तानी में टीम निडर होकर खेलने की कोशिश करेगी। शुरुआती दो मैचों में बल्लेबाजों का अंदाज इसी सोच की झलक देता है।
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अब टी20 विश्व कप पर नजर
भारतीय महिला टीम पिछले साल वनडे विश्व कप जीत चुकी है, लेकिन टी20 विश्व कप की ट्रॉफी अब भी उसके लिए बड़ी चुनौती है। स्मृति मंधाना की कप्तानी में टीम छोटे प्रारूप में भी खिताब जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली लगातार दो जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा होगा। हालांकि, असली परीक्षा मजबूत टीमों के खिलाफ होगी, जहां दबाव में लिए गए फैसले और आक्रामक बल्लेबाजी की निरंतरता अहम साबित होगी।