
टीम इंडिया की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में ऐसा खेल दिखाया, जिसने पूरे मैदान का माहौल बदल दिया. बांग्लादेश के खिलाफ चोटिल हुई प्रतिका रावत की जगह टीम में आईं शेफाली पर सभी की निगाहें थीं और उन्होंने मौका मिलते ही अपनी कीमत साबित कर दी. लंबे समय से वनडे टीम से बाहर रहीं शेफाली ने मंधाना के साथ मिलकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई. सेमीफाइनल में जोड़ी बड़ी पारी नहीं खेल पाई थी, लेकिन फाइनल में दोनों ने पूरी कहानी बदल दी.
शुरुआत में ही उड़ाया अफ्रीका का रंग
नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत की शुरुआत सपने जैसी रही. शेफाली और स्मृति ने साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों पर पहले ही ओवर से दबाव बना दिया. दोनों ने पावरप्ले में ही 64 रन ठोक डाले, जिससे टीम को मजबूत शुरुआत मिली. मैदान पर दोनों की बॉडी लैंग्वेज और शॉट सिलेक्शन देखकर ऐसा लग रहा था मानो उन्होंने मैच अपने नाम करने का मन बना लिया हो. शेफाली ने तेजतर्रार अंदाज में रन बनाए, जबकि स्मृति ने अपने क्लासिक कवर ड्राइव्स से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया.
भारत के लिए बना नया इतिहास
भारत के लिए ये मुकाबला इसलिए भी खास रहा क्योंकि महिला वर्ल्ड कप फाइनल में पहली बार भारतीय सलामी जोड़ी ने शतकीय साझेदारी की. शेफाली और स्मृति ने पहले विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी की, जो भारत के वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई. इस साझेदारी में शेफाली ने 49 रन और स्मृति ने 45 रन जोड़े. 106 गेंदों की इस पार्टनरशिप को 17.4 ओवर में तोड़ा गया जब स्मृति 58 गेंदों पर 8 चौकों की मदद से आउट हुईं लेकिन तब तक भारत का स्कोर मज़बूत हो चुका था और नींव एक बड़े स्कोर की रख दी गईं थी.
ऑस्ट्रेलिया के बाद अब भारत की बारी
महिला वर्ल्ड कप के इतिहास में अब तक सिर्फ 5 बार फाइनल में शतकीय साझेदारी हुई है जिनमें से चार बार ये कमाल ऑस्ट्रेलिया ने किया था. अब भारत ने भी इस खास लिस्ट में अपनी जगह बना ली है. इससे पहले 2022 फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली और राचेल हेन्स ने 160 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की थी. अब स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की ये जोड़ी भी उस लिस्ट में शामिल हो गई है, जिसने वर्ल्ड कप फाइनल में अपनी बल्लेबाजी से इतिहास रचा.