पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम का मूड अचानक बदल गया है. जिस ठंड का लोग इंतज़ार कर रहे थे, वो अब पहाड़ों से चलकर मैदानी इलाकों तक पहुंच गई है. सुबह जैसे ही तेज सर्द हवा चली, मेरठ वालों को लगा कि सर्दी का असली सीजन अब शुरू हो चुका है. मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर हुई ताज़ा बर्फबारी का सीधा असर मैदानों में महसूस हो रहा है. इतनी ठंडी हवाएं चलीं कि कई इलाकों में लोग सुबह घरों से निकलते वक्त जैकेट, स्वेटर और मफलर में लिपटे नज़र आए.
मेरठ में धुंध की दस्तक, विजिबिलिटी कम
बर्फबारी का असर सिर्फ ठंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मेरठ में कई जगहों पर धुंध ने भी दस्तक दे दी है. सुबह-सुबह सड़कों पर गाड़ियां हेडलाइट जलाकर चलती दिखीं. विजिबिलिटी भले बहुत ज्यादा न घटी हो, लेकिन शहर के कई इलाकों में हल्की धुंध ने मौसम को पूरी तरह सर्दियों वाला बना दिया. लोग कह रहे हैं ये तो बस ट्रेलर है, असली ठंड अब शुरू होगी. मौसम वैज्ञानिक भी मान रहे हैं कि बर्फबारी के बाद तेज सर्द हवाएं अगले 72 घंटे तक अपना असर दिखाती रहेंगी.
AQI में सुधार, लेकिन खतरा टला नहीं
दिलचस्प बात ये है कि ठंडी हवाओं ने मेरठ को सिर्फ ठंड ही नहीं दी, बल्कि प्रदूषण से थोड़ी राहत भी दे दी. जहां पिछले कई दिनों से AQI 300 के पार था और लोग स्मॉग में घुट रहे थे, वहीं गुरुवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स फिसलकर सीधे 162 पर आ गया. हवा के तेज़ चलने से प्रदूषित कण नीचे बैठ गए, जिससे सांस लेने में दिक्कत कम हुई. हालांकि प्रदूषण विशेषज्ञों की मानें तो AQI अभी भी ‘मॉडरेट’ कैटेगरी में है, यानी खतरा पूरी तरह टला नहीं है. ठंड बढ़ते ही हवा की गति फिर कम हो सकती है और AQI दोबारा ऊपर चढ़ सकता है.
अगले तीन दिन और मुश्किल
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि पहाड़ों पर लगातार गिर रही बर्फ का असर अब वेस्ट यूपी में साफ दिखाई देगा. उन्होंने चेताया कि अगले दो से तीन दिनों में रात का तापमान और नीचे जा सकता है. सुबह-शाम सर्द हवाएं और भी तेज़ चलेंगी, जिससे ठंड का असर बढ़ेगा यानी मेरठ, मुज़फ्फरनगर, बागपत और आसपास के जिलों में लोगों को अब गर्म कपड़ों के साथ सतर्कता भी बढ़ानी होगी.