लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए सियासी तस्वीर अब लगभग साफ हो गई है। भाजपा ने सोमवार को आठ प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। केंद्रीय चुनाव समिति से मंजूर सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। पार्टी ने इस चयन में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण के साथ संगठन में सक्रिय नेताओं को प्राथमिकता दी है।
भाजपा की सूची में दो महिला चेहरे प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार हैं। राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पाण्डेय ब्राह्मण चेहरे हैं। धर्मपाल सिंह पिछड़े वर्ग, विद्यासागर सोनकर दलित और राम प्रताप सिंह चौहान ठाकुर समाज से आते हैं। प्रकाश पाल भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इस तरह पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सामाजिक प्रतिनिधित्व दोनों को साधने की कोशिश की है।
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी पहले ही प्रो. राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। राम गोपाल यादव सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव और लंबे समय से राज्यसभा में पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे हैं। वहीं धनराज परिमल नथवानी कारोबारी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े युवा चेहरे हैं। वह राज्यसभा सदस्य परिमल नथवानी के पुत्र तथा रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक हैं। दोनों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन भी दाखिल कर दिया है।
उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। विधानसभा में मौजूदा संख्या के आधार पर भाजपा गठबंधन आठ सीटों पर मजबूत स्थिति में है, जबकि सपा अपने दो प्रत्याशियों को जिताने की स्थिति में है। ऐसे में दसवीं सीट को लेकर मुकाबला और विधायकों के रुख पर निगाहें टिक गई हैं।