Social Media Impulse Buying : आजकल सोशल मीडिया पर रील देखते-देखते कब खरीदारी का मन बन जाता है, पता ही नहीं चलता। कभी कोई सुंदर बैग पसंद आ जाता है, तो कभी स्किन केयर प्रोडक्ट, कपड़े या घर सजाने की कोई चीज। वीडियो में दिखने वाली चीजें इतनी अच्छी लगती हैं कि बिना ज्यादा सोचे हम खरीदने का फैसला कर लेते हैं। शुरुआत में ये खर्च छोटे लगते हैं, लेकिन महीने के आखिर में यही खरीदारी बजट बिगाड़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि रील देखकर खरीदारी करने की आदत को थोड़ा समझदारी से संभाला जाए।
रील देखते-देखते क्यों होने लगता है खरीदारी का मन
सोशल मीडिया पर जब कोई क्रिएटर किसी प्रोडक्ट को इस्तेमाल करते हुए दिखाता है, तो वह चीज हमें भी अपनी जरूरत जैसी लगने लगती है। खासकर जब वीडियो में किसी चीज को सस्ता, खूबसूरत या बहुत काम का बताया जाता है, तो उसे खरीदने की इच्छा बढ़ सकती है। बार-बार एक ही तरह के वीडियो दिखने से भी उस प्रोडक्ट में दिलचस्पी बढ़ जाती है। धीरे-धीरे मनोरंजन के लिए खोला गया फोन शॉपिंग का जरिया बन जाता है।
छोटी खरीदारी का खर्च बन सकता है बड़ी टेंशन
कई बार हम सोचते हैं कि कुछ सौ रुपये खर्च करने से क्या फर्क पड़ेगा। लेकिन महीने भर में ऐसी कई खरीदारी हो जाए, तो कुल रकम काफी बढ़ सकती है। मान लीजिए, कोई हर हफ्ते 500 रुपये की बिना प्लान वाली खरीदारी करता है, तो चार हफ्तों में 2,000 रुपये खर्च हो जाते हैं। यही पैसा बचत, जरूरी बिल या किसी पसंदीदा काम में इस्तेमाल किया जा सकता था।
हर वायरल चीज आपके काम की नहीं होती
रील में कोई प्रोडक्ट अच्छा दिख रहा है, इसका मतलब यह नहीं कि वह आपके लिए भी सही होगा। खरीदने से पहले उसकी कीमत, गुणवत्ता, रिव्यू और जरूरत जरूर देखें। सिर्फ डिस्काउंट देखकर फैसला न लें। कई बार ऑफर के चक्कर में हम ऐसी चीजें भी खरीद लेते हैं, जिनका बाद में इस्तेमाल ही नहीं होता।
खरीदारी से पहले अपनाएं 24 घंटे का नियम
अगर कोई चीज रील देखकर पसंद आई है, तो तुरंत ऑर्डर करने के बजाय 24 घंटे रुकें। इस दौरान सोचें कि क्या आपको सच में इसकी जरूरत है या सिर्फ वीडियो देखकर मन हुआ है। प्रोडक्ट को विशलिस्ट में सेव कर सकती हैं और अपने बजट से मिलान कर सकती हैं। यह छोटी सी आदत जल्दबाजी में होने वाले खर्च को कम करने में मदद कर सकती है।
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रील भी देखें और अपना बजट भी संभालें
सोशल मीडिया से नई चीजें जानना या पसंद करना गलत नहीं है। परेशानी तब होती है, जब हर पसंद खरीदारी में बदलने लगती है। महीने का एक छोटा शॉपिंग बजट तय करें और उसी के अंदर खरीदारी करें। शॉपिंग से जुड़े नोटिफिकेशन कम करना और गैरजरूरी खरीदारी वाले अकाउंट से थोड़ा ब्रेक लेना भी मददगार हो सकता है। याद रखें, अच्छी खरीदारी वह नहीं जो रील में खूबसूरत दिखे, बल्कि वह है जिसका इस्तेमाल आपकी असल जिंदगी में भी हो।