मेरठ। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि समाज सुधार की अवधारणा राष्ट्रोत्थान से पहले है। उन्होंने कहा कि आज की सामाजिक विसंगतियों को देखते हुए यह आवश्यक भी है और संघ का ध्येय भी।
मेरठ प्रवास के दूसरे दिन प्रबुद्ध जन गोष्ठी
तीन दिवसीय मेरठ प्रवास के दूसरे दिन संघ प्रमुख ने मेरठ और ब्रज प्रांत की प्रबुद्ध जन गोष्ठी को संबोधित किया। शताब्दीनगर स्थित माधवकुंज में गोष्ठी को संबोधित करते हुए भागवत ने संघ के विभिन्न उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। भागवत ने कहा कि संघ जैसा कार्य विश्व में कहीं नहीं है। जैसे सागर और गगन का काम है, वैसा ही कार्य संघ का है।
संघ की कार्यपद्धति और सेवा प्रकल्प
संघ प्रमुख ने कहा कि संघ कोई शारीरिक अखाड़ा नहीं है। संघ के एक लाख तीस हजार सेवा प्रकल्प कार्य कर रहे हैं। स्वयंसेवक हर जगह हैं। सरकार में भी संघ है। करने वाले स्वयंसेवक ही होते हैं। संघ का अर्थ है-कार्यपद्धति।
समाज केंद्र में, राष्ट्रोत्थान बाद में
भागवत ने संघ के शताब्दी वर्ष की संघर्ष यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म से समाज बनता है। समाज से राष्ट्र बनता है। इसलिए समाज केंद्र में है। उसे सुधारने की आवश्यकता है। उसको बँटने नहीं देना है। सभी को अपने मूल को समझना होगा। राष्ट्रोत्थान से पहले समाजोत्थान है। इसके बाद संघ प्रमुख ने विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए।
अपनी कमजोरियों और बीमारियों को दूर करें
संघ प्रमुख ने कहा कि आज समाज कई कमजोरियों और बीमारियों से ग्रसित है। बीमारियों और कमजोरियों को दूर नहीं करेंगे तो समाज का विकास नहीं हो सकेगा। समाज को केवल एक ही नहीं करना बल्कि उसको गुणवत्त समाज भी बनाना है।
विविधता ही हमारा स्वभाव है
सरसंघचालक ने कहा कि विविधता ही हमारा स्वभाव है। हम विविध अवश्य हैं लेकिन हमारा देश एक है। यही सत्य का साक्षात्कार है।
रसायन से खेती को बचाएं-भारत भूषण
गोष्ठी के अध्यक्ष और कृषि वैज्ञानिक पद्मश्री भारत भूषण त्यागी ने कहा कि आज कृषि को रासायनिक दुष्प्रभावों से बचाने की चुनौती है। अंधाधुंध रसायन के प्रयोग से कृषि को भारी नुकसान हो रहा है।
परिवार के विघटन को रोकें: डॉ. सुमेधा
गोष्ठी की विशिष्ट अतिथि आचार्य डॉ. सुमेधा ने कहा कि पर्यावरण और नैतिक मूल्य समय की सबसे बड़ी चुनौती है। समाज का विघटन हो रहा है, परिवार टूट रहे हैं और प्रदूषण की समस्या गहराती जा रही है। विकास तभी होगा, जब समाज और प्रकृति सशक्त होगी।
प्रबुद्धजनों की उपस्थिति और स्वागत
गोष्ठी में मेरठ और ब्रज प्रांत के हजारों प्रबुद्धजन उपस्थित थे। चरण सिंह विश्विविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एन.के. तनेजा और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सूर्यप्रकाश टांक ने संघ प्रमुख का स्वागत किया।