Soft Blocking Trend : सोशल मीडिया ने रिश्तों को जोड़ना जितना आसान किया है, उतना ही आसान अब उनसे चुपचाप दूरी बनाना भी हो गया है। पहले किसी से रिश्ता खत्म करना हो तो लोग सीधे ब्लॉक कर देते थे। अब लोग एक ऐसा तरीका अपना रहे हैं, जिसमें सामने वाले को पूरी तरह ब्लॉक किए बिना सोशल मीडिया की दूरी बनाई जा सकती है। इसे ‘सॉफ्ट ब्लॉकिंग’ कहा जा रहा है। यह तरीका इन दिनों रिश्तों और सोशल मीडिया से जुड़ी चर्चाओं में काफी नजर आ रहा है।
क्या होता है सॉफ्ट ब्लॉकिंग?
सॉफ्ट ब्लॉकिंग का मतलब है किसी व्यक्ति से ऑनलाइन दूरी बनाना, लेकिन उसे पूरी तरह ब्लॉक न करना। इसके कई तरीके हो सकते हैं। मसलन, किसी को फॉलो करना बंद करना, उसे अपने फॉलोअर्स से हटाना, उसकी स्टोरी म्यूट करना या सोशल मीडिया पर बातचीत धीरे-धीरे कम कर देना। कुछ लोग किसी को थोड़ी देर के लिए ब्लॉक करके फिर अनब्लॉक भी करते हैं, जिससे दोनों एक-दूसरे की फॉलो लिस्ट से हट जाते हैं। यानी रिश्ता पूरी तरह खत्म करने के बजाय व्यक्ति अपनी ऑनलाइन सीमा तय करता है।
आखिर लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं?
इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। किसी को अपने पूर्व साथी की पोस्ट नहीं देखनी हो, किसी दोस्त से कुछ समय के लिए दूरी चाहिए हो या कोई व्यक्ति अपनी निजी जिंदगी सोशल मीडिया पर कम दिखाना चाहता हो, तो सॉफ्ट ब्लॉकिंग एक आसान रास्ता लग सकता है। कई लोग इसे बिना किसी बड़े विवाद के अपनी शांति बनाए रखने का तरीका मानते हैं। खासकर तब, जब वे सामने वाले से सीधी बहस नहीं करना चाहते।
लेकिन सामने वाले को ज्यादा बुरा भी लग सकता ह
नाम भले ही ‘सॉफ्ट’ हो, लेकिन इसका असर हमेशा हल्का नहीं होता। जब किसी को अचानक पता चलता है कि उसे फॉलोअर लिस्ट से हटा दिया गया है या बातचीत अचानक कम हो गई है, तो उसके मन में कई सवाल उठ सकते हैं। मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, साफ तौर पर कही गई बात कभी-कभी ज्यादा आसान होती है, क्योंकि सामने वाले को पता होता है कि रिश्ता या बातचीत किस स्थिति में है। सॉफ्ट ब्लॉकिंग में यह साफ नहीं होता कि दूरी क्यों बनाई गई। इससे व्यक्ति बार-बार पुरानी बातों के बारे में सोच सकता है।
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कब सही है और कब बन सकता है गलत तरीका?
अगर किसी व्यक्ति को अपनी निजता या मानसिक शांति के लिए दूरी चाहिए, तो सोशल मीडिया पर सीमा तय करना बिल्कुल ठीक हो सकता है। लेकिन अगर सॉफ्ट ब्लॉकिंग का मकसद सामने वाले को जलाना, परेशान करना या उसका ध्यान खींचना है, तो यह तरीका रिश्ते को और उलझा सकता है। खासकर करीबी रिश्तों में अचानक ऑनलाइन दूरी बनाने के बजाय छोटी और साफ बातचीत ज्यादा बेहतर हो सकती है। वहीं अगर कोई व्यक्ति परेशान कर रहा है या सुरक्षा का मामला है, तो सीधे ब्लॉक करना ज्यादा सही कदम हो सकता है। आखिर में बात सिर्फ सोशल मीडिया की नहीं, अपनी सीमा तय करने की है। दूरी बनानी है तो तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे आपकी शांति भी बनी रहे और बेवजह किसी दूसरे को भ्रम में भी न रखा जाए।