
महाराष्ट्र के सोलापुर से एक बेहद भावुक और दुखद खबर सामने आई है. यहां एक 16 साल के छात्र शिवशरण भुताली तलकोटी ने अपनी जान दे दी. बताया जा रहा है कि शिवशरण की मां का तीन महीने पहले निधन हो गया था और तभी से वह गहरे सदमे और तनाव में था. बुधवार दोपहर करीब 2 बजे सोलापुर के जुले म्हाडा कॉलोनी में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
मां की मौत नहीं सह पाया बेटा
शिवशरण मूल रूप से पुणे के केशवनगर का रहने वाला था. मां की मौत के बाद वह अपने मामा महादेव के साथ सोलापुर में रह रहा था. मामा और दादी ने उसकी पढ़ाई और देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, लेकिन मां की कमी उसे लगातार अंदर से खा रही थी.
सुसाइड नोट में भावुक बातें
पुलिस को शिवशरण का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने लिखा है, “मैं शिवशरण... अब जीने की इच्छा नहीं है. जब मेरी मां दुनिया से चली गई, तब मुझे भी जाना चाहिए था. लेकिन मामा और दादी के लिए रुका रहा. अब मां ने मुझे सपने में बुलाया है, ‘तू इतना तनाव में क्यों है? मेरे पास आ जा।’ इसलिए अब मैं जा रहा हूं. मामा और दादी को दिल से धन्यवाद, उन्होंने बहुत प्यार और सपोर्ट दिया.” शिवशरण ने अपने सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है.
डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया
शिवशरण पढ़ाई में बहुत होनहार था. 10वीं बोर्ड में उसने 92% अंक हासिल किए थे. उसका सपना था कि वह एक दिन डॉक्टर बने. उसकी मां की मौत के बाद मामा ने उसे सोलापुर बुलाकर एक कॉलेज में दाखिला दिलवाया और प्राइवेट ट्यूशन की व्यवस्था भी कर दी थी, ताकि उसकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए. लेकिन मानसिक तनाव और मां की यादों ने उसे अंदर ही अंदर तोड़ दिया.
पिता की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं
शिवशरण के पिता एक प्राइवेट शिक्षण संस्थान में काम करते हैं और आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है. बेटे की मौत की खबर से पूरा परिवार गहरे सदमे में है. मोहल्ले में और उसके स्कूल में भी शोक की लहर फैल गई है.
पुलिस कर रही जांच
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है. पुलिस सुसाइड नोट और घरवालों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.