
300 Units of Free Electricity: अगर आप हर महीने 300 यूनिट बिजली खुद पैदा करना चाहते हैं, तो इसके लिए लगभग 3 किलोवॉट (kW) का सोलर सिस्टम पर्याप्त माना जाता है। 3 kW यानी 0.003 मेगावॉट (MW)। भारत में 1 kW का सोलर पैनल औसतन 3–4 यूनिट बिजली रोज़ाना पैदा करता है। इस हिसाब से 2.5–3 kW का सिस्टम महीने में करीब 300 यूनिट बिजली दे सकता है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन मौसम, धूप और लोकेशन पर भी निर्भर करता है।
सूर्य घर योजना में मिलेगी सरकारी सब्सिडी
केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के तहत 1 से 3 kW तक के सोलर इंस्टॉलेशन पर सब्सिडी दी जाती है। इस योजना का लक्ष्य लोगों के बिजली बिल को “जीरो” तक पहुंचाना है। अगर आप फ्लैट या अपार्टमेंट में रहते हैं, तो पहले छत की उपलब्ध जगह देखनी होगी। 3 kW सिस्टम के लिए करीब 8 से 10 सोलर पैनल (330–400 वॉट के) की जरूरत होती है, जिसके लिए लगभग 200–350 वर्ग फुट छत की जगह चाहिए।
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रूल्स, नेट-मीटरिंग और आवेदन प्रक्रिया
कुछ राज्यों में अपार्टमेंट या ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लिए अलग नियम लागू हैं। कई डिस्कॉम कंपनियां नेट-मीटरिंग की सुविधा देती हैं, जिससे आप अतिरिक्त बिजली बेच सकते हैं, लेकिन कुछ न्यूनतम चार्ज भी लेते हैं। इसलिए इंस्टॉलेशन से पहले अपने लोकल डिस्कॉम की नीति जरूर जांचें। योजना के तहत आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके किया जा सकता है। सही क्षमता का सोलर सिस्टम लगवाकर न सिर्फ बिजली बिल घटाया जा सकता है, बल्कि अतिरिक्त बिजली से कमाई भी की जा सकती है।