Somvar Vrat And Puja Vidhi: सनातन धर्म में हर दिन किसी न किसी भगवान या देवी-देवता को समर्पित है. सोमवार के दिन देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना की जाती है.. भोलेनाथ के बारे में कहा जाता है कि अगर कोई शिवलिंग पर एक लोटा जल भी अर्पित कर दे तो बाबा प्रसन्न हो जाते हैं और भक्त को मनवांछित फल देते हैं.. हालांकि कई लोग भगवान शिव की पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं..यही नहीं सोमवार को व्रत रखकर भगवान की पूजा की जाती है..
सुबह की पूजा की विधि
आपको बता दें कि सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित है. इसलिए इस दिन शिव की पूजा की जाती है..भगवान शिव को खुश करने के लिए सोमवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नानादि कर तैयार हो जाएं.. फिर भोलेनाथ को दूध, जल, गंगाजल आदि से स्नान कराएं और सूर्य देव को जल अर्पित करें.. इसके बाद भोलेनाथ को बेलपत्र, समीपत्र, दूब, कुश, कमल, नीलकमल, जंवाफूल कनेर, राई फूल आदि चढ़ाएं और भगवान शिव का ध्यान करें..
शाम की पूजा
सूरज डूबने के थोड़ी देर पहले भक्त को स्नान कर लेना चाहिए, अगर बीमार रहते हैं या फिर किसी भी कारणवश स्नान नहीं कर सकते तो जल से शरीर को पोछ लें और फिर अपने पर गंगाजल छिड़क लें। अब शिवलिंग पर अभिषेक करें। हो सके तो पंचामृत से विधिपूर्वक भोलेनाथ का अभिषक करें। इसके बाद शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं और बेलपत्र, सफेद फूल, धतूरा आदि चढ़ाएं। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान लगाएं और प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं। अब शिव चालीसा या फिर महामृत्युंजय का जप करें और भगवान शिव व मां पार्वती की आरती करें। इसके बाद भगवान को खीर, फल और मिठाई का भोग लगाएं। फिर अपने आसपास के लोगों में प्रसाद बाटें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। लोकसत्य मीडिया संस्थान एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)