मां को जिंदा दिखा कर बेटे ने उनकी पेंशन के 44 लाख रुपये हड़प कर सरकार को चूना लगा दिया। पुलिस ने जब कार्रवाई नहीं की तो बैंक प्रबंधन ने कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दौराला थाने में सकौती टांडा स्थित एसबीआई बैंक की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया गया है कि थाना क्षेत्र के शाहपुर जदीद गांव निवासी शांति देवी का उनके बैंक में पेंशन खाता था।
9 दिसंबर 2018 को उनकी मृत्यु हो चुकी थी। आरोप है कि उनके पुत्र प्रेम सिंह ने अज्ञात साथियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और मां को जीवित दर्शाकर लगातार सात वर्षों तक पेंशन की राशि निकालता रहा। इतना ही नहीं फर्जी जीवित प्रमाण पत्र देकर बैंक अधिकारियों को गुमराह करता रहा। इन सात सालों में आरोपी ने एटीएम और डिजिटल माध्यमों के जरिए मृतक मां के खाते से करीब 44 लाख 38 हजार 96 रुपये की धनराशि निकाली।
ऐसे हुआ राजफाश
किसी व्यक्ति ने इसकी शिकायत एसडीएम सरधना से की थी। एसडीएम ने जांच कराई तो मामला सही पाया गया। नवंबर 2025 में बैंक प्रबंधन ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद बैंक प्रबंधन ने आरोपी पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सुनवाई के बाद पुलिस को आरोपी प्रेम सिंह और उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी आदि का धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। उधर, सीओ दौराला प्रकाश चंद अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।