Sonali Bendre Fitness : बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे 51 साल की उम्र में भी अपनी फिटनेस और ऊर्जा से लोगों को प्रभावित करती हैं। लंबे समय से वह हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने और संतुलित दिनचर्या पर जोर देती रही हैं। हाल ही में अपनी फिटनेस से जुड़ी बातचीत में उन्होंने बताया कि वह इंटरमिटेंट फास्टिंग को अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा मानती हैं। उनके अनुसार, शरीर को पर्याप्त आराम देने और खान-पान में अनुशासन बनाए रखने से स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ सकता है.
18-20 घंटे के उपवास को बताती हैं फायदेमंद
सोनाली बेंद्रे ने बताया कि वह कई बार 18 से 20 घंटे तक इंटरमिटेंट फास्टिंग का पालन करती हैं। इस दौरान वह तय समय के भीतर ही भोजन करती हैं और बाकी समय शरीर को आराम देती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह तरीका हर व्यक्ति के लिए एक जैसा उपयुक्त नहीं होता। किसी भी तरह का लंबा उपवास शुरू करने से पहले व्यक्ति को अपनी स्वास्थ्य स्थिति और विशेषज्ञ की सलाह को ध्यान में रखना चाहिए.
खान-पान में रखती हैं संतुलन
सोनाली का मानना है कि फिट रहने के लिए केवल कम खाना ही काफी नहीं है, बल्कि सही पोषण लेना भी उतना ही जरूरी है। उनकी डाइट में ताजी सब्जियां, मौसमी फल, प्रोटीन और संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट शामिल रहते हैं। वह प्रोसेस्ड फूड और जरूरत से ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने की कोशिश करती हैं। साथ ही दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा है, जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है.
व्यायाम और योग को देती हैं बराबर महत्व
फिटनेस के लिए सोनाली केवल डाइट पर निर्भर नहीं रहतीं। वह नियमित रूप से वॉक, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, स्ट्रेचिंग और योग जैसी गतिविधियों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करती हैं। उनका मानना है कि शरीर को सक्रिय रखना और मांसपेशियों की मजबूती पर ध्यान देना बढ़ती उम्र में बेहद जरूरी होता है। व्यायाम न केवल शरीर को फिट रखता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद करता है.
मानसिक स्वास्थ्य का भी रखती हैं ध्यान
सोनाली बेंद्रे कई बार इस बात पर जोर दे चुकी हैं कि अच्छी फिटनेस केवल वजन कम करने का नाम नहीं है. मानसिक शांति, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी स्वस्थ जीवन का अहम हिस्सा है। वह मेडिटेशन, परिवार के साथ समय बिताने और सकारात्मक सोच को अपनी दिनचर्या में शामिल करती हैं। उनका कहना है कि जब मन शांत रहता है, तो उसका असर शरीर पर भी दिखाई देता है.
हर किसी के लिए अलग हो सकता है फिटनेस प्लान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से कुछ लोगों को लाभ मिल सकता है, लेकिन यह सभी के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होती. उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, दवाइयों और जीवनशैली के आधार पर इसकी जरूरतें अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के लंबे समय तक उपवास करना उचित नहीं माना जाता.
सोनाली बेंद्रे की फिटनेस यात्रा यह संदेश देती है कि स्वस्थ रहने के लिए किसी एक ट्रेंड का पालन करना जरूरी नहीं, बल्कि संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त आराम और अनुशासित जीवनशैली का मेल सबसे अधिक प्रभावी होता है। यही आदतें बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.