इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में आरोपी सोनम रघुवंशी शिलांग जेल में बंद है। हाल ही में उसे शिलांग पुलिस की ओर से हफ्ते में एक बार कॉल करने की अनुमति दी गई है। अब तक सोनम ने तीन बार कॉल की है, जिनमें उसने सिर्फ अपने माता-पिता से बातचीत की है। हालांकि उसने अपने भाई गोविंद से बात की या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। कॉल्स के कंटेंट को लेकर परिवार भी चुप्पी साधे हुए है।
सोनम को मिली कॉल की सीमित छूट
शिलांग जेल प्रशासन ने सोनम को हर सप्ताह एक कॉल करने की अनुमति दी है। जेल सूत्रों के अनुसार, सोनम अब तक तीन बार कॉल कर चुकी है। उसने मुख्य रूप से अपने माता-पिता से बात की है। परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, उसने अब तक भाई गोविंद से बात नहीं की है। हालांकि गोविंद ने पहले सोनम से मिलने शिलांग जाने की बात कही थी, लेकिन अब उसका कहना है कि वह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही जाएगा।
कॉल्स में क्या हुआ, किसी को नहीं पता
सोनम ने कॉल पर परिवार से क्या बातचीत की, इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। परिवार भी इस बारे में मीडिया से बात करने से बच रहा है। कॉल्स को लेकर पुलिस की ओर से भी कोई विवरण साझा नहीं किया गया है। इससे सवाल उठते हैं कि कहीं कॉल्स के जरिए कोई साजिश या तथ्य छिपाने की कोशिश तो नहीं हो रही।
राजा के परिवार की नार्को टेस्ट की मांग
उधर, राजा रघुवंशी के परिवार की ओर से सोनम और अन्य आरोपियों के नार्को टेस्ट की मांग लगातार तेज हो रही है। राजा के भाई विपिन ने बताया कि वह जल्द ही मेघालय कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। यदि वहां से न्याय नहीं मिला तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। विपिन का आरोप है कि सोनम और उसका गैंग कई सच्चाइयां छिपा रहा है और पुलिस जांच भी अधूरी है।
अब भी नहीं मिला हत्या का कारण
हत्या के करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस यह नहीं जान पाई है कि सोनम ने राजा की हत्या क्यों की। 11 मई को दोनों की शादी हुई थी और 20 मई को वे हनीमून के लिए शिलांग गए थे। वहां से लापता होने की कहानी बनाई गई, और फिर राजा का शव खाई में मिला। बाद में सोनम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। लेकिन अब तक मर्डर का असली मोटिव सामने नहीं आया है।