राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर अब मेघालय हाईकोर्ट में बड़ी सुनवाई होने जा रही है। इस मामले में मेघालय सरकार और मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने जमानत रद्द करने की मांग उठाई है। मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसी से तय होगा कि सोनम की बेल जारी रहेगी या उसे फिर जेल जाना पड़ेगा।
जमानत के खिलाफ सड़क पर उतरा परिवार
सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद मृतक राजा रघुवंशी के परिवार और समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ गई। इंदौर में बड़ी संख्या में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की मांग उठाई। प्रदर्शन में राजा की मां उमा रघुवंशी, भाई विपिन रघुवंशी और अन्य परिजन भी शामिल हुए।
मेघालय सरकार ने भी दाखिल की याचिका
राजा के परिवार की ओर से जमानत रद्द करने की मांग के बाद मेघालय सरकार ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सरकार का कहना है कि निचली अदालत द्वारा दिया गया जमानत आदेश तथ्यात्मक रूप से गलत आधार पर दिया गया था। अदालत ने इस मामले में सोनम रघुवंशी को नोटिस भी जारी किया है।
जमानत की शर्तों पर उठे सवाल
सोनम को कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दी थी। इनमें सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करने, हर सुनवाई में मौजूद रहने और बिना अनुमति शिलांग से बाहर नहीं जाने जैसी शर्तें शामिल हैं। बावजूद इसके पीड़ित परिवार का कहना है कि इस फैसले से न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की 23 मई 2025 को मेघालय के शिलांग में हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पत्नी सोनम रघुवंशी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले को “ऑपरेशन हनीमून” नाम दिया गया था और तब से यह देशभर में चर्चाओं में बना हुआ है।
कल की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस पूरे मामले में मंगलवार की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। हाईकोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि सोनम रघुवंशी को मिली राहत बरकरार रहेगी या फिर अदालत उसकी जमानत रद्द कर सकती है।