राजा रघुवंशी हत्याकांड दिन-ब-दिन और भी रहस्यमयी होता जा रहा है। अब पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने पूरे मामले को एक नई दिशा दे दी है। मेघालय से लेकर इंदौर तक बुर्का पहनकर भागने की कहानी हो या एक और हत्या की तैयारी—हर मोड़ पर
नई साजिश सामने आ रही है। आरोपी सोनम ने जिस तरह से घटनाक्रम को अंजाम दिया, वह किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं। पुलिस ने एक और बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें राजा की पत्नी सोनम के मारे जाने का झूठा ड्रामा रचने की तैयारी थी।
बुर्का पहनकर की देशभर में भागदौड़
हत्या के बाद सोनम बुर्का पहनकर शिलांग से फरार हो गई थी। वह पहले गुवाहाटी, फिर सिलिगुड़ी, पटना, आरा, लखनऊ होते हुए इंदौर पहुंची। उसका साथ दे रहा था राजा का दोस्त विशाल, जिसने बुर्का तक उपलब्ध कराया। इस सफर को पूरी प्लानिंग से अंजाम दिया गया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
हत्या में शामिल था राजा का चचेरा भाई
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्यारों में एक आरोपी राजा का चचेरा भाई भी है। तीनों युवक आपस में दोस्त थे और राजा की मदद के लिए इस हत्या को अंजाम दिया गया। इस काम के लिए उन्हें राजा से 50 हजार रुपये मिले थे। यह कोई सुपारी किलिंग नहीं थी, बल्कि पूरी तरह से व्यक्तिगत साजिश थी।
हत्या के बाद एक और लाश जलाने की थी तैयारी
सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि हत्यारे किसी दूसरी महिला की हत्या कर, उसका शव सोनम का बताने की योजना बना रहे थे। यह प्लान इसलिए था ताकि जब तक राजा की लाश न मिले, तब तक सोनम अगवा दिखाकर सहानुभूति ले सके और जांच को भटकाया जा सके।
कैसे
सामने आई पूरी साजिश
शिलांग के एक गाइड ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उसने सोनम को राजा और अन्य लोगों के साथ देखा था। इस बयान के बाद पुलिस ने जांच तेज की और यूपी-मध्यप्रदेश में टीमें रवाना कीं। यूपी में आकाश की गिरफ्तारी के बाद राज घबरा गया और सोनम को खुद को अगवा बताने की सलाह दी, जिससे पूरा मामला सामने आ गया।
साजिश
थी जांच को उलझाने
की
पुलिस के अनुसार सोनम और राज को लगा कि राजा की लाश मिलने में लंबा वक्त लगेगा, क्योंकि शव को एक दुर्गम जगह छिपाया गया था। इसी वजह से सोनम ने अगवा दिखाकर लोगों की सहानुभूति पाने और शक से बचने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई ने पूरी साजिश को बेनकाब कर दिया।